मल्टीमीडिया डेस्क। Virender Sehwag Special Milestone: भारतीय क्रिकेट और वीरेंद्र सहवाग के लिए 8 दिसंबर का खास महत्व है। 8 साल पहले आज ही के दिन सहवाग इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर वनडे में यह खास उपलब्धि हासिल की थी।

इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में दोहरे शतक के मामले में भारत का दबदबा रहा है। सचिन तेंडुलकर ने फरवरी 2010 में ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक जड़ा था। इसके दो साल के अंदर ही वीरू ने भी यह कमाल कर दिखाया। 8 दिसंबर 2011 को होलकर स्टेडियम में खेले गए सीरीज के चौथे वनडे में उन्होंने चौकों-छक्कों की झड़ी लगाई थी। वे उस मैच में कप्तानी कर रहे थे और उनका कहर

कैरेबियाई गेंदबाजों पर बरपा था और उन्होंने मात्र 140 गेंदों में 23 चौकों और 6 छक्कों की मदद से यह ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया था।

उठाया था दो जीवनदान का पूरा फायदा :

टीम की कमान संभाल रहे सहवाग ने दो जीवनदान का पूरा लाभ उठाते हुए तूफानी बल्लेबाजी कर करिश्माई प्रदर्शन किया था। उन्होंने 219 रनों की पारी खेली, जो उस वक्त इंटरनेशनल वनडे में किसी बल्लेबाज का सर्वाधिक स्कोर था। उनके इस रिकॉर्ड को बाद में एक भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा ने ही तोड़ा था। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की वजह से ही भारत ने अपना उस समय का सर्वाधिक स्कोर (418) बनाया था।

भारत ने दर्ज की थी विशाल जीत:

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस मैच में 418 रनों का हिमालयी स्कोर खड़ा किया। सहवाग और गौतम गंभीर ने मेजबान टीम को ठोस शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 176 रनों की साझेदारी की। गंभीर 67 रन बनाकर रन आउट हुए। इसके बाद वीरू ने सुरेश रैना (55) के साथ दूसरे विकेट के लिए 140 रन जोड़े। वीरू ने 44वें ओवर में दोहरा शतक पूरा किया और वे 47वें ओवर में आउट हुए। विशाल टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को ठोस शुरुआत की आवश्यकता था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। विकेटकीपर दिनेश रामदीन को छोड़कर कोई भी मेहमान बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। रामदीन ने 96 गेंदों में 91 रन बनाए लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। वेस्टइंडीज की पारी 49.2 ओवरों में 265 रनों पर सिमट गई और उसे 153 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

Posted By: Kiran Waikar

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