कूलिज। भारतीय टीम के दोबारा कोच बने रवि शास्त्री ने कहा कि उनकी कोशिश बदलाव के दौर से गुजर रही टीम को बेहतर बनाने की होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान टीम प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगी। कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने शास्त्री को दूसरी बार टीम का मुख्य कोच चुना। शास्त्री की उम्र 57 साल है और बीसीसीआई संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय टीम के कोच की उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए। ऐसे में शास्त्री के पास टीम के साथ यह आखिरी मौका होगा।

चाहता हूं बदलाव का दौर अच्छा गुजरे : 2023 विश्व कप में अभी काफी समय है और 2021 टी-20 विश्व कप जीतना टीम के लिए आशावादी लक्ष्य हो सकता है। शास्त्री ने कहा कि अगले दो साल हमें यह देखना होगा कि बदलाव का दौर ठीक से गुजरे क्योंकि टीम में कई युवा खिलाड़ी आएंगे, खासकर वनडे प्रारूप में, इसके साथ टेस्ट टीम में भी कुछ युवा आएंगे।

ऐसी विरासत छोड़ूं कि टीम खुश रहे : भारतीय टीम के इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि आपको तीन-चार गेंदबाजों की पहचान करनी होगी ताकि उन्हें पूल में जोड़ा जा सके, यह एक चुनौती है। मैं चाहूंगा कि 26 महीने के अपने कार्यकाल के बाद ऐसी विरासत छोड़कर जाऊं जहां टीम खुश रहे। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह टीम ऐसी विरासत बनाएगी जो काफी कम टीमों ने किया होगा। सिर्फ मौजूदा खेल के समय नहीं बल्कि खेल के बाद भी।

हम सभी की एक चाहत : भारतीय कोच ने कहा कि हम सब की ऐसी चाहत है और हम उसमें आगे बढ़ रहे हैं। सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। टीम में जिस तरह के युवा आ रहे हैं। मुझे लगता है कि आने वाला समय काफी रोचक होने वाला है। जब आप सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करते हैं तो आप हर दिन अपना स्तर ऊंचा करने की कोशिश करते हैं और आपको सभी बारीकियों पर ध्यान देना होता है। जब आप अच्छा नहीं करते हैं तब आपको उस बाधा को पार करने के ध्यान देना होता है।

पिछले दो साल का प्रदर्शन शानदार : कोच के लिए साक्षात्कार से पहले ही कप्तान विराट कोहली ने खुलकर शास्त्री की तरफदारी की थी। उन्होंने भारत में 2021 में होने वाले टी-20 विश्व कप तक (लगभग दो साल) के लिए कोच नियुक्त किया गया हैं। शास्त्री ने पिछले दो साल के प्रदर्शन का आकलन करते हुए उसे शानदार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन साल में टीम ने शानदार तरीके से निरंतर प्रदर्शन किया लेकिन जैसा की मैंने कहा है उन्होंने एक स्तर बना लिया है और अब उस स्तर से ऊपर उठना होगा। इसके लिए कोई दूसरा तरीका नहीं है आपको पूरी कोशिश करनी होगी। इस कोशिश में कई बार नतीजे आपके अनुकूल नहीं होंगे, कई बार आपको नहीं पता होता है कि सर्वश्रेष्ठ टीम संयोजन क्या होगा। ऐसा भी समय होगा जब आप युवाओं को मौका देंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि टीम संयोजन सही बने, आपको हर चीज में सुधार करना होगा।

क्षेत्ररक्षण पर करना होगा सुधार : शास्त्री ने मौजूदा टीम की क्षेत्ररक्षण में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वषोर् में इस टीम में सबसे अच्छी बात क्षेत्ररक्षण में सुधार है और हमारी कोशिश इसे सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षण टीम बनाने की है। ऐसे में जो भी इस टीम के लिए खेलना चाहता है उसे अपनी क्षेत्ररक्षण को शीर्ष स्तर पर रखना होगा, खासकर वनडे प्रारूप में। शास्त्री ने इस मौके पर कपिल देव की अगुआई वाली तीन सदस्यीय चयन समिति का उन्हें मौका देने के लिए शुक्रिया अदा किया। इस समिति में कपिल के अलावा शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल थे।