लंदन। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान इयोन मॉर्गन ने स्वीकारा कि वर्ल्ड कप 2019 का इस तरह का अंत नहीं होना चाहिए था। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया मुकाबला निर्धारित ओवरों की समाप्ति के बाद टाई हुआ था। इसके बाद सुपर ओवर भी टाई रहा और बाउंड्री काउंट के आधार पर इंग्लैंड को वर्ल्ड कप विजेता घोषित किया गया था।

मॉर्गन ने कहा, मैं नहीं समझता कि दोनों टीमों के बीच बहुत कम अंतर होने के बाद उस तरह से खिताब का फैसला करना उचित था। मैं नहीं समझता कि ऐसा एक पल था कि आप कह सकते हैं कि उसकी वजह से मैच में हार झेलनी पड़ी। मुकबला बराबर का था। मैं वहां था और मैं जानता हूं कि क्या हुआ, लेकिन मैं उंगली उठाकर यह नहीं बता सकता कि कहां मैच जीता या हारा गया। मैं नहीं समझता कि विजेता बनने से यह आसान हो गया है। जाहिर तौर पर हार झेलना बहुत कठिन होता। मैच में कोई एक ऐसा पल नहीं था कि हम कहते कि हां हम जीत के हकदार हैं। मैच बहुत रोमांचक रहा।

इसे वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे रोमांचक फाइनल और वनडे इतिहास का सबसे रोमांचक मैच बताया गया लेकिन इसके परिणाम निकालने के तरीके की दुनियाभर में आलोचना हुई। इस विषम स्थिति को पूरी गरिमा के साथ सहन करने के लिए न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन को जमकर सराहा जा रहा है।

मॉर्गन बहुत साफगोई पसंद इंसान है और इंग्लैंड के क्रिकेट नजरिए में आए बदलाव का काफी हद तक श्रेय उन्हें भी जाता है लेकिन वे भी इस तरह के फाइनल से बहुत हैरान हैं। मॉर्गन और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन आईपीएल में एक टीम के लिए साथ में खेल चुके हैं। मॉर्गन ने कहा, मैंने पिछले दिनों विलियम्सन से कई बार बात की। इस मैच के दौरान हमें कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले और यह निश्चित रूप से महानतम वनडे मैचों में से एक था।