कोलंबो। वर्ल्ड कप क्रिकेट के फाइनल में अपनी खराब अंपायरिंग के कारण चर्चा में आएं पूर्व श्रीलंकाई खिलाड़ी कुमार धर्मसेना ने अब चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि उस मैच में ओवरथ्रो पर इंग्लैंड को छह रन देना गलती थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इस फैसले पर कभी 'मलाल' नहीं होगा।

बता दें, न्यूजीलैंड के खिलाफ उस बेहद रोमांचक मैच में दूसरा रन लेने की कोशिश कर रहे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन स्टोक्स के बल्ले से टकराने के बाद मार्टिन गुप्टिल का थ्रो बाउंड पार कर गया था, जिसके बाद धर्मसेना ने पांच की जगह इंग्लैंड के स्कोर में छह रन जोड़ने का इशारा किया था। यह मैच बाद में टाई रहा और सुपर ओवर में भी दोनों टीमों ने समान रन बनाए, जिसके बाद इंग्लैंड को अधिक बाउंड्री लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया, जिससे न्यूजीलैंड के खिलाड़ी हैरान थे।

अब धर्मसेना ने कहा, 'टीवी रीप्ले देखने के बाद लोगों के लिए टिप्पणियां करना आसान होता है। अब टीवी रीप्ले देखने के बाद मैं स्वीकार करता हूं कि फैसला करने में गलती हुई। लेकिन, मैदान पर टीवी रीप्ले देखने की सहूलियत नहीं थी और मुझे अपने फैसले पर कभी मलाल नहीं होगा। साथ ही ICC ने उस समय किए फैसले के लिए मेरी सराहना की है।'

धर्मसेना ने लेग अंपायर मराइस इरासमस से सलाह मशविरे के बाद इंग्लैंड के स्कोर में छह रन जोड़ने का फैसला किया था। इंग्लैंड को अंतिम तीन गेंद पर जीत के लिए नौ रन की दरकार थी और इसके बाद उसे दो गेंद में तीन रन चाहिए थे।

धर्मसेना ने कहा, 'नियमों में इस मुद्दे को तीसरे अंपायर के पास भेजने का कोई प्रावधान नहीं था क्योंकि कोई आउट नहीं हुआ था। इसलिए मैंने संवाद प्रणाली के जरिये लेग अंपायर से सलाह ली, जिसे सभी अन्य अंपायरों और मैच रेफरी ने सुना और वे टीवी रीप्ले नहीं देख सकते थे, उन सभी ने पुष्टि की कि बल्लेबाजों ने रन पूरा कर लिया है। इसके बाद मैंने अपना फैसला किया।'

Posted By: Arvind Dubey

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