हरारे। जिम्बाब्वे की खेल मंत्री क्रिस्टी कॉवेंट्री ने उन आरोपों का खंडन किया कि जिम्बाब्वे की सरकार वहां के राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड के कामों में हस्तक्षेप कर रही हैं।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने पिछले दिनों जिम्बाब्वे क्रिकेट (झेडसी) को सरकारी हस्तक्षेप के चलते निलंबित कर दिया था।

आईसीसी के इस एक फैसले से हजारों लोग बेरोजगार हो गए थे। जिम्बाब्वे की खेल मंत्री ने ट्विटर पर आईसीसी के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने लिखा, जिम्बाब्वे क्रिकेट में किसी तरह का सरकारी हस्तक्षेप नहीं हो रहा है। जिम्बाब्वे के खेल मंत्रालय ने जिम्बाब्वे स्पोर्ट्स एंड रिक्रिएशन कमीशन (SRC) का गठन किया था। यह सरकारी नहीं बल्कि सार्वजनिक संगठन है।

उल्लेखनीय है कि SRC ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को जून में निलंबित किया था। उसने देश में क्रिकेट की गतिविधियों के संचालन के लिए अंतरिम कमेटी बना दी थी। इसी वजह से आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को निलंबित कर दिया।

आईसीसी के इस फैसले की वजह से जिम्बाब्वे को अब आईसीसी का अनुदान नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा उसका अगले वर्ष होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेना भी संदिग्ध हो गया है।