नेपल्स। गत विजेता लिवरपूल को यूएफा चैंपियंस लीग में अपने खिताब बचाने के अभियान में पहले ही मैच में हार का सामना करना पड़ा। इटैलियन क्लब नापोली ने लिवरपूल को 2-0 से हराकर उलटफेर किया। 25 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि चैंपियन टीम को उसके पहले ही मैच में हार झेलनी पड़ी।

नापोली की तरफ से ड्राइस मर्टेंस और फर्नांडो लॉरेंट ने गोल दागे। इस मैच के दौरान दोनों टीमों को गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन आखिरी 10 मिनट लिवरपूल पर भारी पड़े। एंडी रॉबर्टसन ने जोस कैलेजोन का गलत ढंग से टैकल किया और नापोली को पेनल्टी किक मिली, जिस पर मर्टेंस ने 82वें मिनट में गोल में तब्दील करके अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

इसके बाद इंजुरी टाइम के दूसरे मिनट में लॉरेंट ने डिफेंडर विर्गिल वान डिज्क की गलती का फायदा उठाकर नापोली को 2-0 से आगे कर दिया, यह बढ़त निर्णायक साबित हुई। इस जीत के साथ नापोली ने लिवरपूल से एनफील्ड में मिली पिछली हार का बदला भी ले लिया। लिवरपूल ने यह मैच 1-0 से जीता था और इसके चलते लिवरपूल नॉकआउट में क्वालीफाई नहीं कर पाया था।

1994 में एसी मिलान के साथ ऐसा हुआ था जब उसे पहले ही मैच में हार मिली थी। लिवरपूल को यूरोपियन खिताब जीतने से पहले नेपल्स में पिछले सत्र में भी पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

सॉल्जबर्ग की आसान जीत :

ग्रुप ई के एक अन्य मैच में ऑस्ट्रियन चैंपियन सॉल्जबर्ग ने बेल्जियम के क्लब गेंक को 6-2 से रौंदा। स्ट्राइकर एलरिंग ब्रांट हालैंड ने हैट्रिक लगाई। सॉल्जबर्ग 1994-95 के बाद पहली बार ग्रुप चरण के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहा है। हॉलैंड के पिता मैनचेस्टर सिटी की ओर से खेला करते थे। 19 वर्षीय हालैंड वेन रूनी और राउल के बाद चैंपियंस लीग में हैट्रिक लगाने वाले तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।

Posted By: Kiran Waikar