मल्टीमीडिया डेस्क। भारत की पीवी सिंधु ने रविवार को बासेल में वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से हराकर खिताब हासिल किया। सिंधु ने इसी के साथ इतिहास रच दिया क्योंकि वे यह खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई। सिंधु का यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचवां पदक है और वे इस चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा पदक हासिल करने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गई।

सिंधु ने महान चीनी खिलाड़ी झांग निंग की बराबरी कर ली। झांग निंग ने 2001 से 2007 के बीच वर्ल्ड चैंपियनशिप में 1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक जीते थे। सिंधु भी इस मामले में अब 1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक के साथ उनकी बराबरी पर पहुंच गई। निंग का उस दौरान दुनियाभर में दबदबा था और उन्होंने ओलिंपिक खिताब भी हासिल किया था जबकि सिंधु ओलिंपिक में रजत पदक ही जीत पाई है। वैसे सिंधु इस कमी को अगले साल टोक्यो ओलिंपिक में सुनहरी सफलता के साथ दूर करना चाहेंगी।

सिंधु ने सबसे पहले 2013 में ग्वांगझू वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। यह उनका वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहला पदक था। उन्होंने इसके बाद 2014 में कोपनहेगन में लगातार दूसरे साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। इसके बाद सिंधु को वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक के लिए 2017 तक इंतजार करना पड़ा। सिंधु ने 2017 में ग्लासगो में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। वे पिछले साल 2018 में नानजिंग में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने में सफल हुई थी। उन्होंने इस बार बासेल में स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताबी सूखा खत्म किया।

सिंधु के वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक :

स्वर्ण 2019 बासेल महिला सिंगल्स

रजत 2017 ग्लासगो महिला सिंगल्स

रजत 2018 नानजिंग महिला सिंगल्स

कांस्य 2013 ग्वांगझू महिला सिंगल्स

कांस्य 2014 कोपनहेगन महिला सिंगल्स

झांग निंग के वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक

स्वर्ण 2003 बर्मिंघम महिला सिंगल्स

रजत 2005 अनाहेम महिला सिंगल्स

रजत 2006 मैड्रिड महिला सिंगल्स

कांस्य 2001 सेविले महिला सिंगल्स

कांस्य 2007 कुआलालंपुर महिला सिंगल्स