#CommonwealthGames: भारोत्तोलक संकेत सरगर ने चोट के बावजूद भारत को अपना पहला पदक दिलाया। पुरुषों की 55 किलोग्राम भारोत्तोलन में 248 किलोग्राम की संयुक्त लिफ्ट के साथ रजत जीता। मलेशिया के अनीक कसदन ने 249 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। श्रीलंका की दिलंका कुमारा ने 225 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता। कामनवेल्थ 2022 में भारत के मेडल का खाता खुल गया है।

इवेंट के दूसरे दिन भारत के वेटलिफ्टर संकेत सरगर ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल जीतकर भारत के मेडलों का खाता खोल दिया है। संकेत मेडल की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक थे और उन्होंने इसे सच करके दिखा दिया। भारत के संकेत सरगर ने 248( स्नैच में 113 और क्लीन और जर्क में 135 किलोग्राम) किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर पर कब्जा किया। भारोत्तोलक संकेत सरगर की बहन और पिता का कहना है, "हम बहुत खुश हैं कि उन्होंने कोहनी की चोट के बावजूद देश के लिए रजत पदक जीता है।" संकेत को पीएम मोदी ने भी बधाई दी है।

महाराष्ट्र के सांगली में 16 अक्टूवर 2000 को जन्मे संकेत संकेत मध्यम वर्ग परिवार से आते हैं। 21 वर्षीय संकेत, कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र रहे हैं। बेहद सौम्य स्वभाव के संकेत सरगर के बारे में कहा जाता है कि वह बहुत कम बोलते हैं। वह बिना किसी से बात किए लगातार जिम में पसीना बहाते हैं। उस दौरान वह केवल अपने कोच विजय शर्मा की सुनते हैं और उनकी बताई गई बातों को सावधानी से अमल में लाने की कोशिश करते हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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