Tokyo Olympics 2020: रेसलिंग में आज भारतीय पहलवान रवि दहिया इतिहास रचने से चूक गये। फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वेट कैटगरी के फाइनल मैच में रुस के पहलवान जाउर उगुएव ने उन्हें हरा दिया। अब उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ेगा। भारतीय रेसलर रवि दहिया ने बुधवार को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के पहलवाल सनायेव नूरिस्लाम को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में रवि दहिया अपने सिल्वर मेडल को गोल्ड में तब्दील करने की कोशिश कर रहे थे। वैसे रवि दहिया और रूसी रेसलर उगुएव ओलंपिक के पहले भी एक-दूसरे का सामना कर चुके हैं। इससे पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 में दोनों का मुकाबला हुआ था, जिसमें रवि ने उगुएव को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन 6-4 से हार गए थे।

रुसी पहलवान जाउर उगुएव दो बार के (2018 और 2019) वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं। जाउर को रूस का बेस्ट रेसलर माना जाता है। उन्होंने अब तक 15 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है, जिसमें से 14 में पदक जीता है। इन 14 पदकों में 12 गोल्ड शामिल हैं। वहीं भारतीय रेसलर रवि दहिया ने 2020 और 2021 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने 2018 में अंडर-23 चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल और 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

भारत का अब तक का प्रदर्शन

ओलंपिक में हॉकी के बाद रेंसलिंग ही वह खेल है जिसमें भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत ने अबतक रेसलिंग में कुल पांच पदक जीते हैं। सबसे पहला मेडल 1952 हेलसिंकी ओलंपिक में केडी जाधव ने पदक जीता। फिर लंबे इंतजार के बाद 2008 बीजिंग ओलंपिक में सुशील कुमार ने ब्रॉन्ज और 2012 लंदन ओलंपिक में सिल्वर जीता था। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने ब्रॉन्ज और 2016 रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीतकर रेसलिंग में भारत का दबदबा कायम रखा है।

Posted By: Shailendra Kumar