Neeraj Chopra Story: टोक्यो ओलंपिक में भारत को एकमात्र गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा रातों-रात देश के सबसे चहेते एथलीट बन चुके हैं। सभी की जुबान पर नीरज का नाम है और उनसे जुड़ी कहानियों के चर्चे हर चौराहे पर हो रहे हैं। इस बीच उनके बारे में कई रोचक बातें भी निकलकर सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक कहानी इतिहास से जुड़ी हुई है। इसका जिक्र महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी किया है। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से बताया है कि नीरज चोपड़ा के पूर्वज मराठा थे।

देवेन्द्र फडणवीस ने नीरज चोपड़ा की तारीफ में कविता लिखते हुए उनका गुणगान किया है और उनका इतिहास बताने की भी कोशिश की है। उन्होंने अपनी कविता में यह भी बताया है कि पानीपत के युद्ध से उनका क्या रिश्ता है। फडणवीस ने यह कविता अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है।

नीरज के पूर्वजों का इतिहास

कुछ सदियों पहले, जब पानीपत का तीसरा युद्ध लड़ा जा रहा था। उस समय नीरज के पूर्वज मराठाओं के राज्य में रहते थे। इस दौरान बालाजी बाजी राव पेशवों के शासक थे। उनकी तलवार के चर्चे तो आपने पहले भी सुने होंगी। यही खास तलवार लाने के लिए नीरज के पूर्वज मराठा साम्राज्य से हरियाणा आए थे। बाद में वो यहीं जाटों की भूमि में बस गए। नीरज चोपड़ा भी उन्हीं के वंशजों में से एक हैं, जो मराठा विरासत को आधुनिक तरीके से आगे ले जा रहे हैं। नीरज ने भले ही कोई युद्ध न लड़ा हो पर उन्होंने अपने भाले के दम पर दुनिया जीत ली है।

नीरज चोपड़ा से जुड़ी खास बातें

  • नीरज व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले साल 2008 में अभिनव बिंदा ने शूटिंग में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था।
  • नीरज भारत के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं।
  • नीरज चोपड़ा ने जर्मनी के पूर्व एथलीट उवे हॉन से ट्रेनिंग ली है। उवे हॉन के नाम सबसे दूर भाला फेंकने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 1984 में 104.8 मीटर दूर भाला फेंक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

Posted By: Arvind Dubey

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