अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा, ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग और रोंजन सोढी जैसे देश के दिग्गज निशानेबाजों के लिए रियो आखिरी ओलिंपिक हो सकता है।

इसी को देखते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने 2020 में होने वाले टोक्यो ओलिंपिक के लिए युवा निशानेबाजों की नई पौध तैयार करने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है।

एनआरएआई ने एनुअल ट्रेनिंग एंड कंपटीशन कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत जूनियर निशानेबाजों के लिए पांच नए विदेशी प्रशिक्षक रखने की तैयारी कर ली है। यह पहली बार होगा जब जूनियर निशानेबाजों के लिए विदेशी प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी बहुत दिनों से मांग भी की जा रही थी।

अभी एयर राइफल, पिस्टल और शॉटगन की जूनियर टीमों को पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा और दीपाली देशमुख प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस स्तर पर कुछ बेहतर निशानेबाज उभरकर भी आए हैं, लेकिन अब एक तगड़ी बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने की जरूरत महसूस हो रही है।

एनआरएआई के एक अधिकारी ने कहा कि हमारे सीनियर निशानेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और हम निशानेबाजी में एक मजबूत शक्ति बनकर दुनिया के सामने आए हैं। इसे और बढ़ाने और बरकरार रखने के लिए हमें और भी कई बिंद्रा और नारंग तैयार करने होंगे जो टोक्यो ओलंपिक में हमारे लिए पदक जीत सकें।

रियो ओलिंपिक में तो हमारा प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन हम इसके चार साल बाद होने वाले टोक्यो ओलिंपिक में भी ज्यादा से ज्यादा पदक जीतना चाहते हैं और इसी के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।

इसके लिए नियुक्त होने वाले पांच विदेशी प्रशिक्षकों को पांच साल का करार दिया जाएगा। हम अभी तक सिर्फ सीनियर निशानेबाजों के लिए ही विदेशी प्रशिक्षकों की नियुक्ति करते थे, लेकिन वैश्विक स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के लिए हम पुरानी रीतियों से आगे बढ़ना चाहते हैं।

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