नई दिल्ली। Olympic Boxing Qualifier: टोक्यो ओलिंपिक क्वालिफायर को लेकर भारत की स्टार मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और निखत जरीन के बीच विवाद में नया ट्विस्ट आया है। पहले मुक्केबाजी एसोसिएशन ने दोनों के बीच ट्रायल से पहले कोई मुकाबला नहीं कराने की बात की थी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि इन दोनों मुक्केबाजों के बीच अगले महीने मुकाबला हो सकता है।

बता दें कि मैरी कॉम और निखत जरीन में उस समय विवाद हुआ जब वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए 51 किलो वर्ग में संघ ने कोई ट्रायल्स नहीं कराया और मैरी कॉम को डायरेक्ट टीम में शामिल करते हुए उन्हें चैंपियनशिप के लिए भेज दिया। निखत इस वर्ग की दावेदार थीं, लेकिन उन्हें मौका ही नहीं मिला। निखत ने मैरी कॉम से ट्रायल्स कराने की मांग की थी, जिसे भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने ठुकरा दिया था। गौरतलब है कि अगले साल 3 से 14 फरवरी तक वुहान में ओलिंपिक क्वालीफायर का आयोजन होगा।

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब भारतीय खेल प्राधिकरण के मुख्यालय, भारतीय मुक्केबाजी संघ साई के पदाधिकारी और मुक्केबाजी टीम के अधिकारियों की बैठक हुई। इसी बैठक में मैरी कॉम और निखत के बीच ट्रायल मैच कराने पर सहमति बनी। हालांकि इस मुकाबले की तारीख फिलहाल तय नहीं हई है। बैठक में ये भी तय किया गया है कि 69 किलो वर्ग में लोवलिना बोर्गोहेन को भी ट्रायल देना होगा।

भारतीय संघ ने बिना ट्रायल मुकाबले के ही मैरी कॉम को वर्ल्ड चैंपियनशिप में भेजा था जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता। इस प्रदर्शन के बाद संघ ने मैरी कॉम को ही टोक्यो ओलिंपिक क्वालिफायर्स में भेजने की बात कही थी। जबकि नियमों के मुताबिक वर्ल्ड चैंपियनशिप के गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाले मुक्केबाज को ही ओलंपिक क्वालिफायर में सीधे एंट्री मिलती है। अन्य सभी को ट्रायल मैच खेलना होता है। संघ के बयान के बाद ये विवाद फिर उठा। उस समय निखत ने दोबारा संघ से ट्रायल मुकाबला करने की मांग की थी। निखत ने संंघ और केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू को भी पत्र लिखा था।

मैरी कॉम की तरह ही 69 किलो वर्ग में लोवलिना बोर्गोहेन ने भी कांस्य जीता और पहले उन्हें भी ट्रायल्स से छूट दी गई थी। लेकिन अब लोवलिना को भी मुकाबला खेलना होगा।

Posted By: Rahul Vavikar