Olympic Games Tokyo 2020: भारत की महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में देश के लिए अपना पदक पक्का कर लिया है। शुक्रवार को उन्होंने एक तरफा मुकाबले में चीन ताईपे की बॉक्सिर को हराया। उन्होंने अपने पहले ओलंपिक मुकाबले की जबरदस्त शुरुआत की थी। तब उन्होंने वेल्टरवेट राउंड ऑफ 16 (64-69 किग्रा वर्ग) में जर्मनी की एपेट्स नेदिन को 3-2 से हरा दिया था।

लवलीना बोरगोहेन की उम्र 24 साल है। उन्होंने असम के एक छोटे से गांव से टोक्यो ओलंपिक का सफर तय किया है। लवलीना गोलाघाट जिले के सरुपथर विधानसभा के छोटे से गांव बरोमुखिया की निवासी हैं। उनके गांव में महज दो हजार लोग रहते हैं। दो बार विश्व चैंपियनशिप में पदक हासिल कर चुकीं बोरगोहेन असम की पहली महिला बॉक्सर हैं। लवलीना ने ओलंपिक में 69 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया है।

13 वर्ष की आयु में लवलीना बोरगोहेन और उनकी बहनें लीचा और लीमा को किक बॉक्सिंग सीखने के लिए भेजा था। दोनों बहनें बॉक्सिंग में नेशनल लेवल तक गई हैं। लवलीना की माता ममोनी बोरगोहेन का कहना है कि अपनी स्कूल के समय वह हर खेल एक्टिविटी में हिस्सा लेती थी। बोरगोहेन ने कहा कि एक बार लवलीना के पापा उनके लिए मिठाई लाए थे। मिठाई जिस अखबार में लपेटकर लाई गई, लवलीना उसे पढ़ने बैठ गई। पहली बार उनकी बेटी ने मोहम्मद अली के बारे में पढ़ा। वहीं से उनकी रूची बॉक्सिंग में बढ़ी।

लवलीना बोरगोहेन जब 9वीं कक्षा में थी। तब भारतीय खेल प्राधिकरण के एक कोच की नजर उन पर पड़ी। तब से वह बॉक्सिंग में आगे बढ़ती गई। लवलीना मोहम्मद अली के साथ माइक टायसन की बहुत बड़ी फैन हैं।

Posted By: Shailendra Kumar