नई दिल्ली (एजेंसियां)। भारत की महान फर्राटा धाविका पीटी ऊषा को खेलों में उनके योगदान का बड़ा ईनाम मिला है। ऊषा को एशियन एथलेटिक्स संघ (एएए) के एथलीट आयोग का सदस्य बनाया गया है।

एशिया की शीर्ष एथलीटों में शुमार 55 वर्षीय ऊषा एएए के 6 सदस्यीय एथलीट आयोग की सदस्य होंगी। 1992 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैमर थ्रोअर उज्बेकिस्तान के आंद्रे अब्दुवालियेव इस एथलीट आयोग के प्रमुख होंगे।

ऊषा ने कहा कि मैंने एएए एथलीट आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्ति स्वीकार कर ली है। मेरे और देश के लिए यह सम्मान की बात है। आयोग के अन्य सदस्यों में चीन की वांग यू, 2012 लंदन ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता ट्रिपल जम्प खिलाड़ी कजाखस्तान की ओल्गा राइपाकोवा, मलेशिया के ली हुप वेइ और साऊदी अरब के साद शादाद शामिल हैं। एएए के नवनियुक्त महासचिव ए. शुगुमारन ने ऊषा की नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी है।

ऊषा ने 1980 के दशक में जोरदार प्रदर्शन करते हुए ट्रैक पर राज किया था और एथलेटिक्स में भारत की मौजूदगी का मजबूत अहसास कराया था। सियोल में आयोजित 1986 एशियन गेम्स में उन्होंने 4 स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। वहीं उससे एक साल पहले ऊषा ने जकार्ता एशियन चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और एक कांस्य पदक झटका था। वह 1984 ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक जीतने से चूक गई थीं जहां वह महिलाओं की 400 मीटर हर्डल में चौथे स्थान पर रहीं थीं।