कपीश दुबे.इंदौर। ओलिंपिक में भारत का नाम रोशन करने वाली पीवी सिंधू ने 10 साल की उम्र में ही इंदौर में अपनी प्रतिभा से देश को अवगत कराया था। बैडमिंटन कोच धर्मेश यशलहा ने बताया कि 2005 में शहर में 18 से 23 सितंबर तक नकद इनामी राष्ट्रीय रैंकिंग स्पर्धा हुई थी। इसमें सिंधू ने 10 वर्ष बालिका एकल वर्ग में गुजरात की अंजली रावत को 11-1, 11-3 से हराते हुए खिताब जीता था। सेमीफाइनल में उन्होंने इंदौर की श्रेयांशी परदेशी को हराया था। बाद में श्रेयाशी भी अंडर-10 वर्ग में देश की नंबर एक खिलाड़ी बनी थीं। यशलहा ने बताया कि सिंधु तब अपनी माताजी विजया के साथ इंदौर आई थी। यह स्पर्धा नेहरु स्टेडियम और यशवंत क्लब में हुई थी। स्पर्धा का पुरस्कार वितरण भय्यू महाराज (अब स्वर्गीय) ने किया था। इस दौरान अनिल भंडारी और सज्जन सिंह वर्मा भी मौजूद थे।

किसी ने दी थी गलत सूचना : यशलहा ने बताया कि सिंधू के नाम से तब किसी ने हमें फोन कर कहा कि वह स्पर्धा में हिस्सा नहीं ले सकेगी। उसकी अधिक उम्र होने की जानकारी भी दी गई। जब उनके पिता से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई जानकारी होने से इन्कार करते हुए बताया कि उसकी उम्र सही है और वह स्पर्धा में हिस्सा ले रही है। इसके बाद सिंधू स्पर्धा में खेली और खिताब जीता।

Posted By: Navodit Saktawat

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