Tokyo Olympics 2020: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat), 53 किलोग्राम वर्ग में बेलारूस की वेनेसा कलादजिंस्काया से हार गईं। इसके साथ ही उनके ओलंपिक में पदक जीतने का सपना भी टूट गया। उनकी हार पर चाचा महावीर सिंह फोगाट ने गहरी निराशा जताई और उसके खराब प्रदर्शन के लिए विदेशी कोचों को जिम्मेदार ठहराया। 53 किलो भार वर्ग में वर्ल्ड नंबर-1 विनेश फोगाट टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने की सबसे प्रबल दावेदार थीं।

वेनेसा के खिलाफ विनेश ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन बेलारूस की वेनेसा के डिफेंस को नहीं तोड़ पाईं। यहां तक कि विनेश विरोधियों को चित्त करने वाले अपने पसंदीदा "डबल लैग" अटैक के साथ भी अंक नहीं जुटा पाईं। वेनेसा ने इस जीत के साथ ही इस साल युक्रेन में विनेश से मिली हार का बदला चुकाया। विनेश ने तब वेनेसा को गिराकर "बाय फॉल" से शानदार जीत दर्ज की थी।

विनेश की हार से निराश, उनके चाचा और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच महावीर सिंह फोगाट ने कहा, "मुझे उससे क्वार्टर फाइनल में इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी। वो विदेशी कोचों की खराब ट्रेनिंग के कारण हार गई। मैंने सोचा था कि वे उसे अच्छी कोचिंग देंगे, क्योंकि सरकार ने उन्हें सभी सुविधाएं प्रदान की हैं।" महावीर सिंह ने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक हासिल किए हैं। केवल गोल्ड ही है, जो हमारे प्रदर्शन को दर्शाता है। अब मैं उसे अगले चार साल के लिए ट्रेनिंग दूंगा, ताकि वह अगले ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत सके।"

वैसे विनेश फोगाट कोई कमजोर दावेदार नहीं थी। विनेश ने 2019 में कजाकिस्तान में आयोजित विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के जरिए ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। उन्होंने 53 किलो भारवर्ग में वर्ल्ड नंबर-1 अमेरिकी रेसलर सारा हिल्डेब्रांट को 8-2 से धूल चटाकर टोक्यो जाना सुनिश्चित किया था। इसके बाद उन्होंने ग्रीस की मारिया प्रेवोलाराकी को मात देकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। यानी वो दुनिया की तीसरे नंबर की महिला पहलवान थीं।

टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने शानदार आगाज किया था। पहले ही मुकाबले में उन्होंने स्वीडन की पहलवान सोफिया मैटसन को 7-1 से शिकस्त दी थी। सोफिया मैटसन रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी थीं। इस जीत के साथ ही विनेश ने क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद उनसे लोगों की उम्मीदें बढ़ गई थीं। लेकिन वेनेसा ने पिछले मुकाबले के बाद विनेश के खेल को अच्छी तरह समझा और उन्हें प्वाइंट लेने का कोई मौका नहीं दिया।

Posted By: Shailendra Kumar