नूर-सुल्तान (कजाखिस्तान): भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया और रवि कुमार दहिया ने शुक्रवार को यहां विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पूनिया ने 65 किग्रा भारवर्ग में मंगोलिया के तुल्गा तुमुर ओचिर को 8-7 से हराकर पदक अपने नाम किया। वहीं, विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण करने वाले रवि ने 57 किग्रा भारवर्ग में ईरान के रेजा अत्रिनाघारची को 6-3 से शिकस्त देकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

एक समय बजरंग 2-6 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। खेल रत्न बजरंग का इस चैंपियनशिप में यह तीसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में 2013 में कांस्य और 2018 में रजत पदक जीता था। इस चैंपियनशिप में वह तीन पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान हैं।

खेल मंत्री किरन रिजिजू और बजरंग को टैग करते हुए साई ने ट्वीट किया, 'बजरंग ने कांस्य जीता। टॉप्स के हमारे पहलवान बजरंग ने 65 किग्रा में तुल्गा तुमुर ओचिर से 2-6 से पिछड़ने के बाद 8-7 से जीत दर्ज कर कांस्य जीता। यह उनका तीसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है। वह पहले ही ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं।'

वहीं, रवि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भी पदक जीत चुके हैं। रवि की जीत के साथ भारत के अब मौजूदा चैंपियनशिप में तीन पदक हो गए हैं। साथ ही भारत ने तीन ओलंपिक कोटा भी हासिल कर लिए हैं। रवि की जीत के बाद साई ने उन्हें भी ट्वीट कर बधाई दी।

बजरंग के मामले में डब्ल्यूएफआइ ने यूडब्ल्यूडब्ल्यू को लिखा पत्र

विश्व चैंपियनशिप में बजरंग ने भले ही कांस्य पदक जीत लिया हो लेकिन सेमीफाइनल में मेजबान कजाखिस्तान के पहलवान दौलत नियाजबेकोव से मिली विवादास्पद हार के लिए भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआइ) ने युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को पत्र लिखा है। डब्ल्यूएफआइ के सूत्र ने बताया कि हमने सिर्फ मुकाबले की समीक्षा करने के लिए एक अनुरोध भेजा और जवाब में आधिकारिक कमीशन के अध्यक्ष ने महसूस किया कि कुछ फैसले गलत थे और आश्वासन दिया कि भारतीय मुकाबलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बजरंग ने गुरुवार को कोरिया के जोंग चोइ सोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 8-1 से आसान जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद दुनिया के इस नंबर एक पहलवान का नियाजबेकोव के खिलाफ मुकाबला 9-9 से बराबरी पर खत्म हुआ था, जिसके बाद अंपायरों ने नियाजबेकोव को विजेता घोषित कर दिया था। इस फैसले की 2012 ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी आलोचना की है।

योगेश्वर ने ट्विटर पर लिखा, 'बजरंग और नियाज का सेमीफाइनल मैच देखकर कोई भी सही या गलत का फर्फ बता सकता है। फिर वहां बैठे अंपायर को यह क्यों नहीं दिखा? इतने बड़े टूर्नामेंट में इतनी बड़ी लापरवाही? कजाखिस्तान बहुत ही गलत तरीके से खेल रहा था, यह सभी ने देखा।'