मेलबर्न। Australian Open Tennis 2020: अमेरिका की 21 वर्षीय सोफिया केनिन ऑस्ट्रेलियन ओपन की नई चैंपियन बन गईं हैं। पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहीं वर्ल्ड नंबर 15 सोफिया ने दो बार की ग्रैंड स्लैम विजेता स्पेन की गार्बिन मुगुरुजा को 4-6, 6-2, 6-2 से हराया। सोफिया ने एक सेट से पिछड़ने के बाद जबर्दस्त वापसी की और अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया।

फाइनल में मुगुरुजा ने अच्छी शुरुआत की और पहले सेट में एक ब्रेक हासिल करते हुए सेट आसानी से 6-4 से जीता। इस समय लग रहा था कि मुगुरुजा ये मैच आसानी से जीत लेंगी। लेकिन दूसरे सेट से पूरे मैच का रुख ही बदल गया। सोफिया ने ऐसी जबर्दस्त वापसी की कि मुगुरुजा को कोई मौका ही नहीं मिला। सोफिया ने दूसरा और तीसरा सेट बेहद आसानी से जीत लिया। ये मुकाबला 2 घंटे 3 मिनट तक चला।

पहला ग्रैंडस्लेम खिताब

ये सोफिया का पहला ग्रैंडस्लेम खिताब है। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में ऑस्ट्रेलियन ओपन में खिताब जीता है। इससे पहले 2018 में उन्हें पहले और 2019 में दूसरे दौर में ही हार का सामना करना पड़ा था। पिछले 12 साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन की बात करें तो सोफिया सबसे युवा ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन हैं। इससे पहले रूस की मारिया शारापोवा ने 2008 में 20 साल की उम्र में खिताब जीता था। सोफिया की उम्र 21 साल 80 दिन हैं। सोफिया इस बार टूर्नामेंट में एक चैंपियन जैसी ही खेलीं और उन्होंने कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराया।

बनीं अमेरिका की नंबर एक खिलाड़ी

इस बार टूर्नामेंट में काफी उलटफेर देखने को मिले। सोफिया केनिन ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड की नंबर 1 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी को हराया था। इससे पहले सोफिया ने क्वार्टर फाइनल में 15 वर्षीय कोको गॉफ को हराया। बहरहाल मुगुरुजा को हराने के साथ ही सोफिया अपने ही देश की सेरेना विलियम्स को पीछे छोड़कर रैंकिंग में 7वें स्थान पर आ गईं हैं। साथ ही वे अमेरिका की नंबर एक खिलाड़ी भी बन गईं हैं। 38 वर्षीय सेरेना इस बार ऑस्ट्रेलिया की मार्गरेट कोर्ट के 24 ग्रैंड स्लैम खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी करने के इरादे से आईं थी, लेकिन उन्हें तीसरे दौर में चीन की वांग कियांग ने हरा दिया।

सोफिया और मुगुरुजा के बीच पिछली बार चाइना ओपन में मुकाबला हुआ था जो सोफिया ने जीता था। सोफिया ने करीब एक साल पहले होबार्ट में अपना पहला डब्ल्यूटीए खिताब जीता और सत्र के दौरान दो और खिताब अपने नाम किए। वहीं इस हार के साथ मुगुरुजा का अपना तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना टूट गया। मुगुरुजा ने 2016 में फ्रेंच ओपन और 2017 में विम्बल्डन खिताब जीता था। 2015 में वे विम्बल्डन के फाइनल में जरुर पहुंची थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

'मेरा सपना सच हो गया'

खिताबी जीत के बाद सोफिया ने कहा- मैं मुगुरुजा को बधाई देती हूं। ये काफी शानदार मैच रहा। मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि आज मेरा सपना सच हो गया। मैं काफी भावुक हूं। सपने सच होते हैं, मेरा भी हुआ। मैं अपने पिता और अपने फैंस का धन्यवाद करती हूं। वहीं मुगुरुजा ने कहा- सोफिया तुम जिस तरह से खेली, तुम जीत की हकदार थी। तुम्हें बधाई। उम्मीद है कि तुम आगे और भी फाइनल खेलोगी।

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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