लंदन (एजेंसी)। सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले ग्रास कोर्ट का ग्रैंडस्लेम विम्बल्डन टेनिस सोमवार से शुरू हो रहा है। बीते 17 सालों से इस टूर्नामेंट में गत चैंपियन नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और राफेल नडाल का दबदबा रहा है। इस बार भी ये तीनों खिलाड़ी यहां खेल रहे हैं, ऐसे में ये फिर अपनी बादशाहत साबित करने की कोशिश करेंगे। वहीं महिला वर्ग में एश्ले बार्टी विम्बलडन में आस्ट्रेलिया की ओर से खिताब जीतने की कोशिश में होंगी।

दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच ने पिछले साल यहां खिताब जीता था और वे ऑल इंग्लैंड क्लब में 5वां खिताब हासिल करने की कोशिश में होंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त फेडरर यहां पर 9वां खिताब जीत सकते हैं जबकि यहां दो बार के चैंपियन नडाल लगातार रोलां गैरां और विम्बल्डन खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल करने पर निगाह लगाएं हैं।

एक साल पहले जोकोविच विम्बल्डन में खेलने पहुंचे थे, जब उनका करियर ग्राफ नीचे की ओर गिर रहा था। उनकी कोहनी की सर्जरी हुई थी और तब उनकी रैंकिंग 21वीं थी जो एक दशक में उनकी सबसे निचली रैंकिंग थी। लेकिन एक हफ्ते बाद जोकोविच ने 2018 का खिताब अपने नाम किया, इस तरह यह 2011, 2014 और 2015 में जीत के बाद उनकी चौथी ट्रॉफी थी। वह आंद्रे अगासी के 1992 के बाद विम्बल्डन ट्रॉफी हासिल करने वाले निचली वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बने थे। इसके बाद से उन्होंने तीसरा यूएस ओपन व 7वां ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीता। रोलां गैरां में उन्हें बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल में डोमिनिक थिएम से हारकर बाहर होना पड़ा जिससे उनकी दो बार सभी चारों ग्रैंड स्लैम हासिल करने की कोशिश नाकाम हो गई। जोकोविच सोमवार को पहले दौर में फिलिप कोलश्राइबर से भिड़ेंगे।

वहीं 21वां ग्रैंड स्लैम हासिल करने की कोशिश में जुटे फेडरर ने यहां पहला विम्बल्डन 1999 में खेला था। अगर वे 9वां खिताब जीत लेते हैं तो वह 38 साल की उम्र में ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। स्विस स्टार एक ही ग्रैंड स्लैम में 100 जीत दर्ज करने वाला पहला खिलाड़ी बनने से भी केवल पांच जीत दूर है। फेडरर का सामना मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के लॉयड हैरिस से होगा जो पदार्पण कर रहे हैं।

नडाल 12वां रोलां गैरां खिताब जीतकर लंदन पहुंचे हैं और 18वें करियर मेजर का मतलब है कि वह फेडरर से केवल दो ग्रैंड स्लैम दूर पहुंच जाएंगे। दूसरी रैंकिंग पर काबिज नडाल को यहां तीसरी वरीयता मिली है, वह 2008 और 2010 में चैंपियन रह चुके हैं। वह अब तीसरी बार रोलां गैरां-विम्बल्डन दोनों खिताब हासिल कर ब्योर्न बोर्ग के रिकॉर्ड की बराबरी करने की कोशिश कर रहे हैं। नडाल 2018 में तीसरा खिताब जीतने के करीब थे, वह 2011 के बाद अंतिम आठ में पहुंचने में विफल रहे हैं। उन्हें पहले दौर में जापान के दुनिया के 258वें नंबर के खिलाड़ी युईची सुगिता से भिड़ना है जबकि दूसरे दौर में निक किर्गियोस के सामने होंगे जिसने उन्हें 2014 में हराकर उलटफेर किया था।

विम्बल्डन खिताब जीतने के लिए पिछले 17 वर्षों से किसी ने जोकोविच, फेडरर, नडाल और एंडी मरे के अलावा कोई और नाम नहीं लिया। थिएम, एलेक्जेंडर ज्वेरेव और स्टेफानोस सिटसिपास विश्व रैंकिंग में अगले तीन स्थानों पर हैं जो उन्हें चुनौती देंगे। दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी केई निशिकोरी 2018 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे जबकि 8वीं रैंकिंग के केविन पीटरसन 12 महीने पहले उपविजेता थे।

महिलाओं में मुकाबला खुला हुआ

ऑस्ट्रेलिया की 23 वर्षीय खिलाड़ी एश्ले बार्टी पिछले हफ्ते नंबर एक खिलाड़ी बनी और उन्होंने हमवतन इवोने गूलागोंग कावले की उपलब्धि की बराबरी की। लेकिन वह विम्बल्डन में तीसरे दौर के आगे नहीं पहुंच सकी है। सात बार की चैंपियन सेरेना विलिम्यस पर अब उम्र का असर दिख रहा है और नाओमी ओसाका खराब फॉर्म में से जूझ रही है। जबकि दो बार की विम्बल्डन चैंपियन पेट्रा क्वितोवा चोटिल होने के बाद शीर्ष स्तर पर वापसी कर रही हैं। बार्टी को कड़ी चुनौती गत चैंपियन एंजेलिक कर्बर से मिल सकती है। सेरेना ने हालांकि दावा किया कि वह नहीं जानती कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नंबर एक रैंकिंग पर पहुंच गई हैं। इटेलियन ओपन में वह बहन वीनस के साथ मैच से हट गई थीं जबकि फ्रेंच ओपन से भी जल्दी ही बाहर हो गई थी। सेरेना 24वें ग्रैंड स्लैम खिताब की कोशिश में हैं जिससे वह ऑस्ट्रेलिया की मारग्रेट कोर्ट के साथ पहुंच जाएंगी। कर्बर को ईस्टबोर्न फाइनल में कैरोलिना प्लिस्कोवा से शिकस्त मिली थी लेकिन वह सकारात्मक हैं। पिछली बार वह ईस्टबोर्न के सेमीफाइनल में हार गई थीं लेकिन अंत में उन्होंने 2018 विम्बल्डन खिताब जीता था।