ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना)। भारत के उभरते टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर क्ले इवेंट का खिताब जीत लिया। ये खिताब जीतने वाले सुमित पहले एशियाई खिलाड़ी हैं। इसके अलावा इस सीजन में ये किसी भारतीय द्वारा जीता गया पहला एटीपी चैलेंजर खिताब है। इस खिताबी जीत के साथ ही सुमित अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर भी पहुंच गए। 22 वर्षीय सुमित का ये दूसरा चैलेंजर खिताब है। इससे पहले वे 2017 में बेंगलुरु चैलेंजर इवेंट भी जीता था।

सुमित ने ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर के फाइनल में अर्जेंटीना के फेकुंडो बैगनिस को 6-4, 6-2 से हराया। सुमित के शानदार खेल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने ये खिताबी मुकाबला केवल 37 मिनटों में जीता। टूर्नामेंट में 7वीं वरीयता प्राप्त सुमित पूरे फाइनल में हावी रहे। उन्होंने 8वीं वरीयता फेकुंडो को कोई मौका नहीं दिया। दक्षिण अमेरिकी जमीन पर क्ले टाइटल जीतने वाले सुमित पहले भारतीय हैं। इससे पहले सेमीफाइनल में सुमित ने ब्राजील के थियागो मोंटेइरो को भी एकतरफा मुकाबले में 6-0, 6-1 से हराया था।

सुमित को इस खिताबी जीत का एटीपी रैंकिंग में काफी फायदा मिला। ताजा रैंकिंग में उन्होंने 26 स्थान की छलांग लगाते हुए 135वें स्थान पर पहुंचे। ये उनके करियर सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।

सुमित ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर खिताब जीतने वाले पहले एशियाई हैं। दरअसल ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर में हमेशा से ही मेजबान देश के खिलाड़ियों का दबदबा रहा है। केवल 4 बार ऐसा हुआ कि यहां गैर अर्जेन्टिनियाई खिलाड़ियों ने खिताब जीता। समित से पहले यहां गैर अर्जेंटीनियाई पाब्लो क्यूवास, काइल एडमंड और पाब्लो अंडुजर खिताब जीत चुके हैं।

बिना कोच के सुमित ने जीता खिताब

सुमित के लिए ये खिताबी जीत इसलिए बड़ी है क्योंकि इस टूर्नामेंट में वे बिना कोच के उतरे। उन्होंने कहा - यहां जीत हासिल करना काफी शानदार रहा। मेरे साथ मेरे कोच सासा नेंनसेल और ट्रेनर मिलोस गागेलिक नहीं थे। कोच के बिना खेलना मुश्किल होता है। ऐसे में जीत हासिल करना खुशी की बात है। मैं अगले सप्ताह ब्राजील में चैलेंजर ओपन टूर्नामेंट खेलूंगा। वहां भी अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।

बता दें कि सुमित इस साल उस समय सुर्खियों में आए थे जब यूएस ओपन के पहले दौर में उनके सामने रोजर फेडरर थे और सुमित ने फेडरर को पहले सेट में हरा दिया था। फेडरर से पहले सेट जीतने वाले सुमित पहले भारतीय रहे थे। हालांकि बाद में फेडरर ने ये मुकाबला 4-6, 6-1, 6-2, 6-4 जीता। सुमित ने साल 2015 में विम्बल्डन जूनियर वर्ग में बालक युगल वर्ग में खिताब जीता था।

Posted By: Rahul Vavikar