हॉटमेल के सह-संस्थापक सबीर भाटिया एक नया वेंचर लेकर आये हैं। इन्होंने प्रोफेशनल्स के लिए एक सोशल वीडियो मैसेजिंग एप शोरील (ShowReel) लॉन्च किया है। ये मोटे तौर पर टिकटॉक या इंस्टाग्राम रील्स की तरह का ही एप है, जिसमें शॉर्ट वीडियो अपलोड किया जा सकता है। अभी इसे बीटा फॉर्म में लॉन्च किया गया है। सबीर भाटिया के साथ अजी अब्राहम भी शोरील के को-फाउंडर हैं। इस ऐप का मकसद नौकरी खोजने वाले लोगों को ऐसी कंपनियों से मिलवाना है, जो कैंडिडेट की तलाश में है। इसके जरिए लोग खुद को प्रमोट कर सकते हैं और नई नौकरियां पा सकते हैं। सबीर ने यह वेंचर ऐसे समय में लॉन्च किया है, जब दुनिया भर में शॉर्ट-वीडियो की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल इस ऐप को भाटिया ने खुद के पैसे लगाकर शुरू किया है, लेकिन भविष्य में उनकी दूसरे स्रोतों से भी फंड जुटाने की योजना है।

क्या है एप की खासियत?

ShowReel दरअसल इंस्टाग्राम रील्स या टिकटॉक जैसा शॉर्ट-वीडियो आधारित ऐप है। इस ऐप की मदद से लोग अपनी शॉर्ट-वीडियो प्रोफाइल बना सकते हैं। इसके लिए ऐप पहले से तय 8-9 सवाल आपसे पूछता है। यह काफी हद तक टिकटॉक और वीडियो कॉल का मिला-जुला फीचर है। ShowReel से लोग अपना वीडियो रील बना सकते हैं। इसमें अलग-अलग फील्ड के हिसाब से पहले से कई सवाल फीड है। इन सवालों को जवाब देते हुए आपको वीडियो रिकॉर्ड करना होगा और फिर इन वीडियो को जोड़कर आपकी एक वीडियो रिज्यूमे बन जाएगी। ऐप पर टिकटॉक और इंस्टारील के जरिए वीडियो फीड भी उपलब्ध है, जहां कैंडिंडेट दूसरे उम्मीदवारों के वीडियो-रिज्यूमे को देख सकते हैं और उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।

जॉब ढूंढने में मिलेगी मदद

ShowReel के लिए ऐसे सवालों को चुना गया है, जो किसी जॉब इंटरव्यू में सबसे अधिक पूछे जाते हैं। इन वीडियो का एक क्यूआर कोड भी बन जाता है, जिसे लोग अपने रिज्यूमे में जोड़ सकते हैं। कंपनियां क्यूआर कोड स्कैन कर कैंडिडेट के वीडियो रिज्यूमे को देख सकती है। भाटिया ने बताया कि वह शोरील प्लेटफॉर्म पर कई ग्लोबल कंपनियों को जोड़ने की तैयारी कर रही हैं, जिससे लोगों को नौकरियां मिलने में मदद मिल सके। उन्होंने किसी कंपनी का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि इस साल के अंत तक कई कंपनियां इस ऐप से जुड़ने वाली हैं।

कौन हैं सबीर भाटिया?

भारतीय इंटरनेट इंडस्ट्री के दिग्गज सबीर भाटिया ने करीब 25 साल पहले हॉटमेल नाम से एक ईमेल सर्विस बनाई थी। बाद में बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 1997 में 40 करोड़ डॉलर की एक डील में इसे खरीद लिया और इसका नाम बदलकर आउटलुक कर दिया। बाद में सबीर भाटिया ने एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और एक वॉयस-ओवर इंटनरेट प्रोटोकॉल सर्विस लॉन्च किया। हालांकि अब ये दोनों सेवाएं बंद हो गई हैं।

Posted By: Shailendra Kumar