एपल और गूगल पर निर्भरता कम करने के लिए भारत खुद का एप स्टोर लॉन्च करने की योजना बना रहा है। गुरुवार को एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई। देश में एंड्रॉयड की 97 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। सरकार पर दबाव है कि इस मामले में भारतीय स्टार्टअप्स की मदद की जानी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू एप स्टोर गूगल या एपल की तरह एप स्टोर करने के लिए 30 प्रतिशत फीस नही लेगा। सरकार साथ ही इस योजना पर भी विचार कर रही है कि एंड्रॉयड हैंडसेट्स में उसके एप्स की प्री-इंस्टॉलिंग अनिवार्य बनाई जाए।

दरअसल हाल में गूगल और भारतीय स्टार्टअप्स के बीच कई विवाद सामने आए हैं। गूगल ने पेटीएम के बाद फूड डिलिवरी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जोमैटो और स्विगी को भी नोटिस भेजा है। उसका आरोप है कि ये भारतीय स्टार्टअपप्ले स्टोर के दिशानिर्देश और नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। गूगल ने इन दोनों कंपनियों के गेमिंग फीचर्स पर आपत्तियां जताई हैं। इसके बाद से घरेलू एप स्टोर की मांग बढ़ने लगी।

इससे पहले गूगल ने डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया था। गूगल का आरोप था कि पेटीएम अपने प्लेटफॉर्म पर खेल के सट्टे से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नीतियों का उल्लंघन कर रहा है। हालांकि कुछ ही घंटे बाद पेटीएम को प्ले स्टोर पर बहाल कर दिया गया था। पेटीएम ने गूगल के आरोपों को खारिज कर दिया था।

Posted By: Navodit Saktawat

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