नई दिल्ली। इंटरनेट की बढ़ती हलचल और हिंदी किताबों की ऑनलाइन खरीद में आसानी के चलते पिछले छह माह में ही हिंदी पुस्तकों की मांग में साठ फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

ऑनलाइन साइट अमेजन इंडिया के निदेशक (श्रेणी प्रबंधन) नूर पटेल के मुताबिक इस छह महीने की अवधि में हिंदी किताबों के चुनाव में दोगुने से ज्यादा इजाफा हुआ है। अमेजन हिंदी बुक स्टोर की स्थापना अप्रैल 2014 में 23 हजार किताबों के साथ हुई थी।

तब से ही यह वेबसाइट साहित्य, प्रेरणादायी जीवनी, बाल पुस्तकों, उपन्यासों से पटी पड़ी है। विख्यात लेखक मुंशी प्रेमचंद, हरिवंश राय बच्चन, गुलजार, जावेद अख्तर, यशपाल और प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी अवार्ड विजयी किताबों को इस वेबसाइट पर स्थान मिला है।

पटेल ने बताया कि उनके पास तीस हजार शीर्षकों से हिंदी की उत्कृष्ट किताबे हैं। इनमें से सर्वाधिक बिकने वाली किताबों में अमिष त्रिपाठी की इक्क्षवाकु के वंशज, रॉन्धा बार्न की रहस्य (द सीक्रेट), अमिष की मेलुहा का मृत्युंजय शामिल है।

हिन्दी साहित्य की किताबें खरीदने के लिए छोटे शहरों और कस्बों जैसे भठिंडा, राजमुंदरी, सोलन, रानीखेत, जोशीमठ, दरभंगा, बक्सर, भरुच, इरोड, सागर, हिसार, धनबाद और कोल्हापुर ऑनलाइन आर्डर आ रहे हैं।

अमिष की अंग्रेजी में लिखी किताब सायन ऑफ इक्क्षवाकु का हिंदी अनुवाद इक्क्षवाकु के वंशज ने बिक्री के सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। अगस्त महीने में इस किताब को पहली बार में ही नेलसंस स्कैन की सूची में चौथा पायदान मिला।

किसी हिंदी किताब को पहली बार इतनी ऊंची रैंकिंग मिली है। वेबसाइट पर अंग्रेजी के 800 बेस्ट सेलर किताबों का हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध है। इसके अलावा, अमेजन पर छात्रों और नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए भी किताबें हिंदी में उपलब्ध हैं।

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