नई दिल्ली। अगर आप अपने लैपटॉप या मोबाइल पर पोर्न देखते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि गूगल, फेसबुक और ओरेकल जैसी कंपनियां आपकी इन गतिविधियों पर नजर गड़ाए बैठी हैं। इतना ही नहीं वे इसे ट्रैक कर रही हैं और आपकी इन गतिविधियों को चुराकर उन कंपनियों को बेच रही हैं जिनका टारगेट ग्रुप पोर्न से जुड़े प्रोडक्ट के विज्ञापन हो सकते हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद इन कंपनियों ने ऐसी किसी भी ट्रैकिंग से इनकार किया है।

माइक्रोसॉफ्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्नसिलवैनिया ऐंड कार्नेगी मेलॉन के रिसर्चर्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने दुनियाभर की 22,484 अडल्ट कॉन्टेंट वाली वेबसाइट्स को स्कैन किया और पाया कि ये सभी साइट्स यूजर्स के डेटा को आगे फॉरवर्ड कर रही हैं। ऐनालिस्ट्स ने यह भी बताया कि इनमें से 93 प्रतिशत वेबसाइट्स ऐसी हैं जो थर्ड पार्टी कंपनियों के औसतन सात डोमेन के साथ यूजर्स के डेटा को शेयर कर रही हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 17 प्रतिशत अडल्ट वेबसाइट ऐसी हैं, जो एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करती हैं। इन 93 प्रतिशत वेबसाइट्स में 74 प्रतिशत पॉर्न वेबसाइट्स ऐसी थीं जिन्हें गूगल और उसकी कंपनियां ट्रैक कर रही थीं। सॉफ्टवेयर डिवेलपर कंपनी ऑरेकल को भी 24 प्रतिशत पॉर्न साइट्स को ट्रैक करता पाया गया है। इतना ही नहीं लोगों का सबसे फेवरिट सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक भी रिसर्चर्स की स्कैनिंग में हर 10 में से 1 पॉर्न साइट की ट्रैकिंग करता मिला।