सैन फ्रांसिस्को। गूगल ने अपने पहले सर्च इंजन 'डायरेक्ट स्पीच टु स्पीच ट्रांसलेशन सिस्टम' की घोषणा की है। गूगल की इस नई मौखिक संचार प्रणाली का नाम 'ट्रांसलेटोट्रोन' रखा गया है। इस बेहद उपयोगी नई प्रणाली के तहत गूगल को बोलकर दिए गए निर्देश या संभाषण का वह दूसरी ऐच्छिक भाषा में तुरंत सटीक अनुवाद करके दे सकता है। इस दौरान वक्ता अपनी आवाज और टेम्पो को यथावत रख सकता है। 'ट्रांसलेटोट्रोन' एक श्रृंखला से दूसरी श्रृंखला के नेटवर्क पर काम करता है। इसका स्रोत 'स्पेक्ट्रोग्राम्स' हैं।

ये स्पेक्ट्रोग्राम्स बतौर इनपुट दृश्य आवृत्तियों की पहचान करके लक्षित भाषा में अनुवाद करते हैं और अनुवादित भाषा के स्पेक्ट्रोग्राम्स को दर्शाते हैं। गूगल आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ये जिया और रॉन वेस ने इस विषय पर बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट लिखा है। जिया और वेस ने बताया कि गूगल का स्पीच ट्रांसलेटर अधिक सुविधाजनक तो है ही, इसका अनुवाद भी ज्यादा सटीक और सहज है।

सर्च इंजन कंपनी ने बिना किसी दुभाषिए के दो अलग भाषा बोलने वाले लोगों के बीच बिना किसी असुविधा के संवाद मुमकिन बना दिया है। यह सुविधा वैश्विक कारोबार करने वालों के लिए वरदान साबित होने से लेकर विभिन्न संस्कृतियों के बीच भाषाई दूरी को खत्म करने का काम करेगी। 'ट्रांसलेटोट्रोन' नाम का यह अनुवादक मूल वक्ता की आवाज की खूबियों को भी अनुवाद के दौरान बरकरार रखता है। इसलिए अनुवादित स्पीच अधिक सहज और कम खामियों वाली होती है।

स्पीच-टू-स्पीच प्रणाली में भावी अनुसंधान के लिए यह केवल शुरुआत भर है। गूगल इस प्रोजेक्ट पर काफी समय से काम कर रहा है। इससे पहले 2018 में गूगल और अधिक भाषाओं के साथ रीयल टाइम ट्रांसलेशन फीचर ला चुका है। इसमें भाषा के क्षेत्रीय लहजे को बरकरार रखा जा सकता है। इसी साल फरवरी में गूगल ने इंटरप्रेटर मोड को विस्तार देते हुए उसे होम स्पीकर या थर्ड पार्टी डिवाइस से जोड़कर रीयल टाइम में संभाषण करने की बेजोड़ सुविधा प्रदान कर चुका है। इसके तहत 26 सूचीबद्ध भाषाओं का अनुवाद हो सकता है।

Posted By: Yogendra Sharma