CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) ने मोबाइल यूजर्स के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें यूजर्स को साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे मैलवेयर से बचने के लिए कहा गया है। एडवाइजरी में केंद्रीय निकाय ने मोबाइल पर आधारित कई तरह के मैलवेयर से बचने की सलाह दी है। एडवाइजरी के मुताबिक कई तरह से यूजर्स को शॉर्ट मैसेजिंग सर्विस यानी SMS के जरिए मोबाइल वायरस भेजे जा रहे हैं। ये एडवेयर क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग मालवेयर, रिमोट एक्सेस टूल, मोबाइल बैंकिंग सेवाएं, मोबाइल स्पाइवेयर और रैंसमवेयर हो सकते हैं।

सीईआरटी-इन ने एडवाइजरी में कहा कि यूजर्स को इन फर्जी एप्लिकेशन और वेबसाइट से बचना चाहिए। ये नकली ऐप और वेबसाइट पूरी तरह से वैध यानी असली दिखती हैं और सही नाम और संदर्भ का उपयोग करती हैं।इन फेक मालवेयर के जरिए यूजर्स के मोबाइल फोन पर लगातार ऐड्स पुश किए जाते हैं, जिससे यूजर परेशान हो सकता है। इतना ही नहीं, ये मैलवेयर इतने खतरनाक होते हैं कि ये यूजर के डिवाइस की लोकेशन समेत कई निजी जानकारियों को ट्रैक करते रहते हैं.

बचने के लिए इन बातों पर करें गौर

1. आमतौर पर स्मार्टफोन यूजर्स कई बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे साइबर अपराधियों के लिए उन्हें निशाना बनाना आसान हो जाता है। यूजर्स अक्सर एसएमएस या ई-मेल में आने वाले लिंक को बिना चेक किए ही खोल देते हैं। इस वजह से, साइबर अपराधी उपयोगकर्ताओं को उन वेबसाइटों पर री-डायरेक्ट करते हैं और फिर इनके जरिए डिवाइस में मैलवेयर डालना आसान हो जाता है।

2. कई यूजर्स अपने स्मार्टफोन को समय-समय पर अपडेट नहीं करते हैं। जिससे डिवाइस को लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते और हैकर्स के लिए मोबाइल एक्सेस करना आसान हो जाता है। इसके अलावा पासवर्ड आदि चीजें भी समय-समय पर नहीं बदली जाती हैं।

3.सीईआरटी-इन की एडवाइजरी के मुताबिक यूजर्स को अपने मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। साथ ही, डिवाइस को मजबूत प्रमाणीकरण (Certification) का उपयोग करना चाहिए।

4. इनसे बचने के लिए यूजर्स अपने स्मार्टफोन में एंटी वायरस जैसे सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं।

5. मोबाइल बदलने से पहले अपने फोन के डेटा को डिलीट कर दें, ताकि सेकेंड हैंड यूजर को आपकी संवेदनशील और व्यक्तिगत जानकारी न मिल सके।

Posted By: Shailendra Kumar

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