नई दिल्ली। भारत सरकार ने व्हाट्सएप को अपने प्लेटफॉर्म पर भेजे गए प्रत्येक संदेश को बिना एन्क्रिप्शन को तोड़े डिजिटल रूप से फिंगरप्रिंट करने के लिए कहा है ताकि व्हाट्सएप पर शेयर किए जाने वाले सभी कंटेंट को ट्रेस किया जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि व्हाट्सएप को यह पता लगाने में सक्षम होना चाहिए कि कोई मैसेज कहां से आया और कितने लोगों ने पढ़ा है और मैसेज को पढ़े बिना ही उसे फॉरवर्ड कर दिया है।

सरकार 2018 में पूरे भारत में लिंचिंग की वजह से इस प्लेटफॉर्म पर बच्चों के अपहरण के बारे में गलत सूचनाओं और अफवाहों के बाद व्हाट्सएप संदेशों के पता लगाने की मांग पर जोर दे रही है।

उनके मुताबिक व्हाट्सएप मैसेज की फिंगरप्रिंटिंग से मैसेज के ओरिजिनेटर को खोजने में मदद होगी।

अधिकारी ने कहा, 'हम मैसेज को पढ़ना नहीं चाहते हैं लेकिन जब हमें कोई समस्या पैदा करने वाला मैसेज दिखाई देता है तो हम सेंडर को ट्रेस करने में मदद करने के लिए व्हाट्सएप से बात करें। उन्हें एक रास्ता खोजना होगा, यह तकनीकी रूप से संभव है।'

भारत में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्लिकेशन में से एक व्हाट्सएप ने यह सुनिश्चित किया है कि इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ट्रैसेबिलिटी की अनुमति नहीं देता है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने उन मैसेजेस के ओरिजिन की पहचान करने की मांग की जो सार्वजनिक अशांति का कारण बनते हैं या यौन उत्पीड़न के वीडियो फैलाते हैं। उन्होंने लंबे समय से शिकायत की है कि व्हाट्सएप द्वारा प्रदान किए गए मेटाडेटा (नाम, डिस्प्ले इमेज और चैट ग्रुप पर लोगों की संख्या) अपराधियों को पकड़ने के लिए पर्याप्त नहीं है।

एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा, 'यह स्वीकार्य नहीं है कि कोई भी किसी भी मैसेज का पता नहीं लगा सकता है। किसी को कभी-कभी कुछ मैसेजेस का पता लगाने में सक्षम होना चाहिए।'

कंपनी ने दिसंबर में कहा था कि वह नियमित रूप से भारत सरकार के साथ संवाद करती है जिसमें वे लोगों के लिए एक निजी और सुरक्षित मंच बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर चर्चा करती है।

Posted By: Sonal Sharma