वाशिंगटन। इन दिन भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में इन दिनों एक के बाद एक शानदार फोन्स लॉन्च हो रहे हैं और इनमें कंपनियां फास्ट चार्जींग फीचर भी दे रही है। हालांकि, यह फीचर हर फोन में उपलब्ध नहीं होता और ज्यादा पॉवर वाली बैटरीज को चार्ज होने में भी ज्यादा वक्त लगता है। लेकिन, स्मार्टफोन की चार्जिंग जल्द खत्म होना और उसे चार्ज करने में बहुत ज्यादा समय लगना, अब अतीत की बात हो जाएगी।

वैज्ञानिकों की टीम ने इसके लिए लीथियम आयन बैटरी की नई डिजाइन तैयार की है। इस डिजाइन को विकसित करने वाली टीम में कई भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल हैं। एसीएस नैनो मैटेरियल जनरल में दी गई जानकारी के अनुसार, बैटरी में रासायनिक तत्व एंटीमनी का इस्तेमाल किया गया है। इस बैटरी की लीथियम आयन को संग्रहीत करने की क्षमता अन्य से अधिक है। बैटरी में नैनोचेन नामक जालनुमा संरचना वाले इलेक्ट्रॉड इस्तेमाल किए गए हैं, जिससे लीथियम आयन के चार्ज होने की क्षमता बढ़ जाती है। नतीजतन चार्जिंग में लगने वाला समय भी घट जाएगा।

वैज्ञानिकों का कहना है कि नई बैटरी से स्मार्टफोन के साथ कंप्यूटर भी ज्यादा दिन तक चल सकेंगे। दरअसल, इन डिवाइसों की लाइफ बैटरी में आयन संग्रहीत होने की क्षमता पर निर्भर करती है। यदि बैटरी में आयन खत्म हो जाए तो डिवाइस को चलाने के लिए जरूरी विद्युत प्रवाह रुक जाता है।

अमेरिका के परड्यू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता विलास पोल और वी. रामचंद्रन ने कहा कि नैनोचेन वाली नई बैट्रियों को जब 30 मिनट तक चार्ज किया गया तो इनके लीथियम आयन संग्रह करने की क्षमता दोगुना बढ़ गई। 100 बार तक चार्ज किए जाने तक बैटरी की यह क्षमता बरकरार रही। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि इस नई डिजाइन का इस्तेमाल बड़ी बैट्रियों में भी हो सकेगा।