WhatsApp Data Leak: दो अरब से ज्यादा यूजरबेस वाला व्हाट्सऐप डेटा और प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर संकट में पड़ता दिख रहा है। साइबरन्यूज़ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लगभग 500 मिलियन व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं का डेटा ऑनलाइन लीक हो गया है। हालांकि अब कंपनी ने एक बयान जारी करके इसका सिरे से खंडन कर दिया है। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा है कि व्हाट्सएप से 'डेटा लीक' का कोई सबूत नहीं है। साइबरन्यूज पर लिखा गया दावा निराधार स्क्रीनशॉट पर आधारित है। हालांकि सोशल मीडिया कंपनी ने अभी तक इस बारे में कुछ भी पुष्टि नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उसने कई डेटा सैंपल की जांच की, जिससे पता चला कि लीक सच है। इस लीकेज ने कथित तौर पर रूस, इटली, मिस्र, ब्राजील, स्पेन और अधिक सहित 80 से अधिक देशों को प्रभावित किया है। इस सूची में भारत भी शामिल है। ट्विटर हैंडल के जरिए एक चार्ट शेयर किया गया था,द जिससे पता चलता है कि 60 लाख से अधिक लोगों का डेटा ऑनलाइन लीक हो गया है।

व्हाट्सएप यूजर्स के फोन नंबर कैसे जुटाए

फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि हैकर ने लाखों सक्रिय व्हाट्सएप यूजर्स के फोन नंबर कैसे जुटाए। रिपोर्ट बताती है कि यह व्हाट्सएप की गलती नहीं हो सकती है और हैकर "स्क्रैपिंग" नामक एक प्रक्रिया का उपयोग कर सकता है। ऐसे में किसी साइबर हमले की जगह डेटा अलग-अलग वेबसाइट से हासिल किया जाता है। इसलिए संभावना है कि फोन नंबर वेब पेजों से प्राप्त किए गए होंगे।

यूजर्स को क्‍या करना चाहिये

लीक हुए डेटा का उपयोग हैकर्स द्वारा स्पैमिंग, फ़िशिंग प्रयासों, पहचान की चोरी और अन्य साइबर आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। स्रोत का दावा है कि कोई यह पता लगाने में सक्षम नहीं होगा कि उनकी संख्या डेटाबेस में है या नहीं, लेकिन यूजर्स उन पर ध्यान न देकर घोटाले के प्रयासों से बचने की कोशिश कर सकते हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

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