पर्यटन विभाग की विशेष सचिव के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र, काम करने से किया इनकार
UP News: पर्यटन विभाग की विशेष सचिव ईशा प्रिया पर विभागीय कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विशेष सचिव द्वारा लगातार मानसि ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 03:19:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 03:19:03 PM (IST)
पर्यटन विभाग की विशेष सचिव ईशा प्रिया।HighLights
- विभागीय कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए
- मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज का आरोप
- विशेष सचिव ईशा का टिप्पणी करने से इनकार
डिजिटल डेस्क। पर्यटन विभाग की विशेष सचिव ईशा प्रिया पर विभागीय कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विशेष सचिव द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज की जा रही है, जिसके चलते अब विभाग में काम करना शारीरिक और नैतिक रूप से संभव नहीं रह गया है।
पर्यटन विभाग के सात कर्मचारियों ने इस संबंध में प्रमुख सचिव अमृत अभिजात को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विशेष सचिव ईशा प्रिया पिछले कई महीनों से उन्हें प्रताड़ित कर रही हैं।
पत्र में कहा गया है कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए अब तक उत्पीड़न सहा गया, लेकिन अब हालात असहनीय हो चुके हैं। मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की भी बात कही गई है।
कर्मचारियों ने क्या लगाए आरोप
कर्मचारियों के अनुसार, विशेष सचिव उन्हें रोजाना पर्यटन निदेशालय बुलाकर अपमानजनक व्यवहार करती हैं और कई मौकों पर गंदी गालियां देती हैं। विरोध करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि (एसीआर) देने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि यह व्यवहार निदेशालय के अन्य कर्मचारियों के सामने ही किया जाता है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पत्र में ये की गई है मांग
सचिवालय संघ के समर्थन से भेजे गए इस पत्र में मांग की गई है कि पर्यटन विभाग में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल विभाग-सचिवालय प्रशासन विभाग में वापस भेजा जाए।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपमानजनक परिस्थितियों में कार्य करने के इच्छुक नहीं हैं और उनके स्थान पर ऐसे अधिकारियों की तैनाती की जाए जो इस तरह के व्यवहार को सहन कर सकें।
विशेष सचिव ईशा का टिप्पणी करने से इनकार
इस पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (सचिवालय प्रशासन) और उत्तर प्रदेश सचिवालय संघ के अध्यक्ष को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। सामूहिक प्रत्यावेदन पर विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने 3 जनवरी 2026 को हस्ताक्षर किए हैं।
वहीं, इस पूरे मामले पर विशेष सचिव ईशा प्रिया ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया है। पर्यटन विभाग के महानिदेशक राजेश कुमार ने बताया कि वह वर्तमान में चित्रकूट में हैं और उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। पत्र के सार्वजनिक होने के बाद लखनऊ के प्रशासनिक गलियारों में इस मामले को लेकर खलबली मची हुई है।