
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कीर्तिमाला सिंह ने एक मासूम से दुष्कर्म करने, उसके शव के टुकड़े करने और जलाने के जघन्य मामले में सुनवाई करते हुए शनिवार को आरोपी संतोष कारी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 80 प्रतिशत राशि मृतका के परिजनों को देने का आदेश दिया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रुद्रप्रताप सिंह ने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून 2020 को मौदहा थाना क्षेत्र की रहने वाली वादिनी की 8 वर्षीय बेटी रात करीब ढाई बजे चारपाई से लापता हो गई थी।
परिजनों ने इसके बाद उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर 26 जून 2020 को पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया।
26 जून को ही पड़ोसियों ने पुलिस को एक घर से जलने की गंध आने की सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को घर से जली हुई राख, हड्डी, बच्ची के पैर के छल्ले, एक चाकू और तवा मिला। कानपुर से आई फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान, मौके पर मौजूद अभियुक्त संतोष कोरी पुत्र राजाराम कोरी ने सबके सामने अपना गुनाह कबूल किया। उसने स्वीकार किया कि उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया, फिर उसे चाकू से काटकर टुकड़े कर दिए और जला दिया।
विवेचक ने विवेचना पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। शनिवार को मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कीर्तिमाला सिंह ने अभियुक्त संतोष कोरी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 39,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की रकम का 80 प्रतिशत हिस्सा मृतका के स्वजन को दिया जाए।