पति-पत्नी के बीच झगड़े के कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन लड़ाईयां अक्सर होती हैं, तो इसके ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं।
कुंडली में कुछ ग्रहों की स्थिति ठीक ना हो, तो जीवन-साथी से हमेशा लड़ाई-झगड़े होते हैं। इनका उपाय करना जरुरी होता है।
अगर मंगल का संबंध कुंडली के सातवें और पांचवें भाव से हो, तो पति-पत्नी के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं।
अगर वर की कुंडली में मंगलदोष तो उसकी शादी मांगलिक लड़की से करना ही शुभ होता है। वरना दोनों में लड़ाई- झगड़े होते रहेंगे।
अगर कुंडली में शनि या राहु सातवें भाव में, नीच का स्थित हो तो व्यक्ति का वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहता है।
अगर कुंडली में गुरु या शुक्र नीच का हो और कुंडली के सातवें भाव से संबंध बना रहा हो, तो वैवाहिक जीवन में कटुता रहती है।
अगर जातक की कुंडली में सातवें भाव का स्वामी; छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो तो लड़ाई-झगड़े ज्यादा होते हैं।
कुंडली में राहु और चंद्रमा नीच राशि में स्थित हो और इनका संबंध सातवें भाव से बन रहा हो, तो जीवनसाथी पर शक बना रहता है।