वास्तु शास्त्र में हर चीज को सही दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। किचन में कुछ लोग तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन्हें रखने की दिशा का सभी ध्यान नहीं रखते हैं।
शास्त्रों के मुताबिक, पूर्व दिशा सूर्य देव की दिशा होती है और तांबा भी सूर्य का प्रतीक है। इस वजह से तांबे को पूर्व दिशा में रखना बेहतर होता है।
घर के सबसे शुभ और पवित्र स्थान में से एक ईशान कोण है। इस दिशा में तांबे के बर्तन या वस्तु रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस दिशा को धन की देवी मां लक्ष्मी की दिशा माना जाता है। किचन के इसी हिस्से में तांबे की वस्तुओं को रखने की सलाह दी जाती है।
किचन या घर के किसी भी हिस्से में तांबे की वस्तुओं को रखने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को उत्तम माना जाता है। दरअसल, यह अग्नि देवता की दिशा होती है।
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि तांबे के बर्तनों को सही दिशा में रखना ही काफी नहीं है। इनका रखरखाव भी सही ढंग से करना जरूरी होता है।
घर में सुख-शांति बरकरार रखने के लिए तांबे के बर्तनों को खाली न रखें। इसमें आप शुद्ध जल डालकर रख सकते हैं, जिसका सेवन सेहत के लिए भी लाभदायक माना जाता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। नईदुनिया की तरफ से इसकी सत्यता की गारंटी का दावा नहीं किया जा रहा है।
यहां हमने जाना कि तांबे के बर्तनों को किस दिशा में रखना शुभ होता है। ऐसी ही अन्य धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ