वास्तु शास्त्र में सभी चीजों को रखने की सही जगह बताई जाती है। ठीक वैसे ही पानी रखने के लिए भी शुभ जगह का उल्लेख मिलता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जल स्थान बनाने का सकारात्मक असर पूरे घर की सुख-शांति पर पड़ता है। वहीं, गलत दिशा में पानी रखने का नकारात्मक असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
ऐसा माना जाता है कि वास्तु शास्त्र में बताई सही दिशा में पानी न रखने से व्यक्ति धीरे-धीरे गरीब होने लगता है। यदि आप पैसों की किल्लत का सामना नहीं करना चाहते हैं तो पानी को कुछ दिशाओं में न रखें।
वास्तु शास्त्र की मानें तो कभी भी घर की दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी की व्यवस्था नहीं करवानी चाहिए।
सवाल खड़ा होता है कि पानी की व्यवस्था के लिए शुभ दिशा कौन सी है। दरअसल, पानी का स्थान ईशान कोण में होना चाहिए।
घर में बोरिंग या ट्यूबवेल को भी दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न लगवाएं। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है।
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में ऐसे नल नहीं होने चाहिए, जिनसे पानी टपकता रहता है। इसे धन हानि का प्रतीक माना जाता है।
इस लेख में दी गई तमाम जानकारी सामान्य और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसके जरिए हमारी तरफ से कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
पानी को घर की कुछ दिशाओं में रखने से बचना चाहिए। ऐसी ही अन्य धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ