हड्डी बढ़ने को मेडिकल भाषा में ओस्टियोफाइट्स कहा जाता है और इसमें हाथ, कंधे, गर्दन, ऐडी, कूल्हे की हड्डी बढ़ जाती है।
आमतौर हड्डी बढ़ने पैदा हुई शारीरिक समस्या को शरीर खुद ठीक कर लेता है। ज्यादातर मामलों में हड्डी बढ़ने की समस्या का पता ही नहीं चलता।
जोड़ों में दर्द, दबाने पर दर्द, त्वचा पर सूजन, चलने-फिरने में दिक्कत, नसों में दर्द, हाथ या पैर में चींटी काटने जैसी सेंसेशन महसूस होता है।
यदि एड़ी की हड्डी बढ़ी है तो आरामदायक जूते पहने। जूते सही पहनने से एड़ी की हड्डी बढ़ने से बचा सकते हैं। गर्दन में बार-बार झटका न आए।
कुछ विशेष मामलों में फिजियोथेरेपी जरूर करानी चाहिए। फिजियोथेरेपी से हड्डी बढ़ने के लक्षणों में आराम मिलता है।
सही आहार और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने से भी हड्डी बढ़ने की समस्या से बचा जा सकता है। ज्यादा वसायुक्त भोजन का सेवन न करें।