कलावा को हिन्दू धर्म में खास, पवित्र और शुद्ध माना जाता है। ऐसे में इसे लेकर कई बार मन में सवाल आता है कि कलावा पहनकर नॉन वेज खा सकते हैं या नहीं-
कलावा एक पवित्र और शुद्ध धागा माना जाता है। जिसे हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ या धार्मिक कार्यों के दौरान हाथ पर बांधा जाता है।
मान्यताओं के अनुसार, कलावा धारण करने पर बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। साथ ही, इसे पहनने से भगवान का आशीर्वाद भी बना रहता है।
आज के दौर में अधिकांश लोग कलावा को केवल धार्मिक प्रतीक मानते हैं। वे इसे आहार से जोड़कर नहीं देखते हैं।
धार्मिक शास्त्रों की मानें तो कलावा धारण कर नॉन वेज खाएं या नहीं इसे लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्ति के आस्था पर निर्भर करता है।
अगर आप नॉन वेज का सेवन करते हैं, तो ऐसे में कई कलावा उतार देते हैं और खाने के बाद इसे दोबारा पहनें।
अगर आप शादी-शुदा है, तो बाएं हाथ में पहनें और अगर आप शादी-शुदा नहीं हैं, तो दाएं हाथ में पहन सकते हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए दी गई है, ऐसी और जानकारी के लिए पढ़ते रहें। naidunia.com