हिंदू धर्म में पेड़-पौधों का खास महत्व होता है। वास्तु शास्त्र में भी पेड़-पौधे को लेकर कई प्रकार के नियम होते है। आइए जानते है करी पत्ते से जुड़े धार्मिक महत्वों के बारे में।
करी पत्ते जिसे मीठी नीम का पत्ता भी कहा जाता है। इसे लगाने को लेकर भी वास्तु अनुसार दिशा का खास ख्याल रखना चाहिए। इस पौधे को घर में लगाना काफी शुभ माना गया है।
वास्तु के मुताबिक, घर की पश्चिम दिशा में पेड़-पौधों को लगाना सही माना गया है। इस दिशा में करी पत्ते का पौधा लगाने से स्वास्थ्य लाभ होगा।
पश्चिम की दिशा को चंद्रमा की दिशा माना जाता है। सफेद रंग के फूलों के पौधे जैसे चमेली, चांदनी, मोगरा को दक्षिण और पश्चिम दिशा में लगाने से लाभ होता है।
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए भी घर करी पत्ते का पौधा बेहद लाभकारी माना जाता है। इसे घर में लगाने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है।
करी पत्ते से आप अपनी नजर भी उतार सकते है। ऐसा करने से आपका अशांत मन शांत हो जाएगा और शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
स्वास्थ्य के लिए करी का पत्ता बेहद लाभकारी होता है। इसके सेवन से डायबिटीज और मधुमेह का रोग दूर होता है। इसमें मिलने वाला एंटी-म्यूटाजेनिक तत्व कैंसर को रोकने की मदद करता है।
आंखों की रोशनी के लिए भी करी पत्ता बेहद लाभकारी माना जाता है। यह पत्ते हृदय रोग में भी लाभ पहुंचाते है। पेट के कैंसर को रोकने में भी करी पत्ता बेहद फायदेमंद होता है।