माना जाता है कि कुत्तों को परेशानी का पूर्वाभास होता है या किसी अप्रिय घटना का पूर्वाभास होता है। ऐसा माना जाता है कि कुत्ते कई आपदाओं की भविष्यवाणी भी करते हैं।
कहते हैं कि अगर कुत्ता किसी के घर के आगे रोता है तो उस घर में कोई बड़ी विपत्ति आने वाली होती है। रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी कुत्ते का रोना अशुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रात में कुत्ते इस वजह से भी रोते या भौंकते हैं क्योंकि उनको अपने आसपास आत्माएं दिखाई देती हैं। जिसे देखकर भी वे रोने लगते हैं।
कहते हैं कि जब कुत्ता रात में रोता है तो उसके आसपास किसी न किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा रहती है। कुछ बुरा होने की भविष्यवाणी करते ही कुत्ता रोने लगता है।
जब कुत्ते दर्द या परेशानी में होते हैं या अकेला महसूस करते हैं तो वे रोते हैं और अपने साथियों को बुलाने की कोशिश करते हैं। कुत्ते भी अकेले रहना पसंद नहीं करते हैं।
यदि आपका पालतू कुत्ता खाना-पीना छोड़ दे और रोने लगे तो समझिए आपके घर में कोई अप्रिय घटना होने वाली है। कुत्ता आपको आने वाले संकट का संकेत देता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुत्तों को रात में अपने आसपास पूर्वज या आत्माएं दिखती हैं तो वे रोने लगते हैं। कुत्तों की देखने और सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है।
रात में कुत्तों के रोने का कारण हमेशा कोई अप्रिय घटना का पूर्वाभास नहीं होता है, कभी-कभी कुत्ते भूखे होने के कारण भी रोते हैं। उन्हें खाने की जरूरत होती है।