हिंदू धर्म में चरणामृत को पवित्र माना जाता है, जिस जल से देवताओं का अभिषेक किया जाता है। उसे बाद में चरणामृत के रूप में ग्रहण किया जाता है। आइए जानते हैं कि क्या पीने से अकाल मृत्यु नहीं होती है-
चरणामृत पीने से अकाल मृत्यु नहीं होती है और मृत्यु का संकट भी दूर होता है। इससे मन का डर भी खत्म होता है।
चरणामृत में तुलसी मिलाकर पीने से अकाल मृत्यु नहीं होती है। इससे व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है।
चरणामृत भगवान के चरणों का जल होता है, जिससे पीने से अकाल मृत्यु की बला टल जाती है। इससे भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
अकाल मृत्यु की बला से टलने के लिए रोजाना महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे अकाल मृत्यु का भय भी दूर होता है।
अकाल मृत्यु की बला से टलने के लिए रोजाना महादेव का पंचाक्षरी मंत्र का जाप कर सकते हैं। इससे जीवन की सारी परेशानी भी दूर होती है।
जो इंसान चरणामृत पीता है, उसका पुनर्जन्म नहीं होता है। उसे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है और सारे कष्ट दूर होते हैं।
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