व्रत दो जनवरी 2023 सोमवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की उपासना करने से उत्तम संतान की प्राप्ति होती है।
27 अगस्त रविवार को रखे जाने वाले इस व्रत को संतान को पाप, संकट और कष्ट से बचाकर बेहतर भविष्य के लिए रखा जाता है।
इसे ललिता सप्तमी, मुक्ताभरण सप्तमी और अपराजिता सप्तमी भी कहा जाता है। यह 22 सितंबर शुक्रवार को रखा जाएगा। संतान की आयु लंबी होती है।
जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं। यह छह अक्टूबर शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत बच्चों की प्रसन्नता और उन्नति के लिए रखा जाता है।
यह व्रत पांच नवंबर रविवार को रखा जाएगा। संतान सुख के लिए तारों को अर्ध्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।