हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता है। मृत्यु के बाद व्यक्ति की स्थिति कैसी होती है, इसके बारे में इस पुराण में उल्लेख मिलता है।
हम सभी जानते हैं कि सभी की मौत निश्चित है। जिस भी व्यक्ति या जीव का जन्म हुआ है उसकी मृत्यु भी एक दिन जरूर होगी।
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि सभी की मौत अलग-अलग होती है। बता दें कि व्यक्ति की मौत का तरीका भी उसके कर्मों पर आधारित होता है।
प्राण निकलते समय सभी की स्थिति एक दूजे से अलग होती है। खास बात यह है कि प्राण निकलने के समय की स्थिति भी कुछ चीजों की ओर इशारा करती है।
आपने भी देखा होगा कि मौत के समय कुछ लोगों का मुंह टेढ़ा हो जाता है। गरुड़ पुराण में मुंह टेढ़ा होने का अर्थ भी बताया गया है।
गरुड़ पुराण के अनुसार, सभी के प्राण मुंह से निकलते हैं। वहीं, मृत्यु के समय मुंह का टेढ़ा होना एक तरह का शुभ संकेत है। इससे पता चलता है कि उस व्यक्ति ने अच्छे कर्म किए थे।
प्राण निकलते समय मुंह टेढ़ा होने से इस बारे में भी पता चलता है कि उस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन धर्म के मार्ग पर चलकर ही गुजारा है।
गरुड़ पुराण में इस बात का उल्लेख भी मिलता है कि ऐसे लोगों को यमलोक में कष्ट भी भोगना पड़ता है। दरअसल, बुरे कर्म न करने की वजह से उसे दण्ड भी नहीं मिलता है।