वैदिक ज्योतिष के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति की चाल ज्योतिष विद्या में विशेष महत्व रखती है। फिलहाल गुरु मेष राशि में विराजमान हैं, जो जल्द ही अगला गोचर करेंगे।
ग्रहों के गुरु बृहस्पति अभी वृषभ राशि में स्थित हैं और आने वाले 2025 तक उसी में रहेंगे। लेकिन वे समय समय पर वक्री, उदय, अस्त और मार्गी होने वाले हैं।
गुरु अभी मई 2025 तक वृषभ राशि में ही विराजमान रहने वाले हैं। इस राशि परिवर्तन से कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलने वाला है आइए उनके बारे में जानते हैं।
मेष राशि वालों के लिए गुरु का वृषभ में गोचर करना बेहद ही लाभदायक है। व्यापार के क्षेत्र में आपको विदेशी डील प्राप्त होने की उम्मीद है।
लाइफ पार्टनर के साथ चल रही सभी अनबन अब खत्म होने वाली है। गुरु के शुभ प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकती है।
वृषभ राशि में गुरु की एंट्री होने से तुला राशि वालों का भाग्य भी चमकने वाला है। करियर में प्रमोशन मिलने की पूरी उम्मीद है। समृद्धि का आगमन होगा।
आपकी आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार होने की संभावना है। खर्च भी बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अपना बजट का ध्यान रखें। इस दौरान नए कार्य की शुरुआत शुभ होगी।
इस लेख में दी गई सभी जानकारियां एक सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।