अबीर व रंग में मिले कई पदार्थो का दुष्प्रभाव पड़ता है । प्राकृतिक रंग के साथ सूखी होली खेलनी चाहिए । इससे परंपरा भी कायम रहेगी और शरीर पर भी कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
नारियल तेल बहुत ही अच्छा कलर रिमूवर और माइश्चराइजर है। रंग लगाने से पहले और रंग छुडा़ने के बाद काटन की मदद से इसे चेहरे से लेकर हाथ-पैरों पर लगाएं। इससे खुजली, जलन, रैशेज से राहत मिलती है।
नाखूनों पर पेट्रोलियम जेली से मसाज कर लें। इससे कलर चढ़ेंगे नहीं और आसपास की त्वचा से रंग आसानी से निकाला जा सकता है। होली खेलने से पहले नाखून पर नेल पेंट भी अप्लाई कर सकते हैं।
होली खेलने से पहले बालों में अच्छी तरह से तेल की मसाज कर लें। सरसों या नारियल का तेल इस्तेमाल करेंगे तो ज़्यादा बेहतर होगा। यह होली के रंग को बालों के अंदर जाने से रोक देता है।
आंखों को साफ रखने के लिए आप साफ पानी से आंखों को धोएं। गुलाब जल में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो इफेक्टीव आंखों की जलन को कम करने में मदद करता है। आंखों के लिए सेल्फ- मेडिकेटेड न करें।
रंगों से बचने के लिए सनग्लास पहन कर होली खेलें। अगर कोई चेहरे पर रंग लगाता है तो आंखों को बंद कर लें। आंखों को हथेलियों से ढंकें। होली खेलते समय कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें।
सूखे हो या गीले रंग, इन्हें उतारने के लिए गरम पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इससे रंग और ज्यादा पक्के हो जाते हैं। बेहतर होगा कि रंग हटाने के लिए ठंडे पानी का यूज करें।
अगर होली खेलने के बाद आपको इचिंग या खुजली हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। अगर आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पक्के रंगों से होली खेलने से बचें या फिर पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेने के बाद ही होली