अर्जुन ने भीष्म पर कितने बाण चलाए थे?


By Prakhar Pandey20, Feb 2024 02:22 PMnaidunia.com

महाभारत का युद्ध

महाभारत में कई ऐसे किरदार हैं जिन्होंने अपने पराक्रम से खुद को युद्ध में साबित किया था। आइए जानते है कि भीष्म को बाणों की शैया पर जाने के समय अर्जुन ने कितने बाण चलाए थे?

अर्जुन का किरदार

अर्जुन को महाभारत का सबसे बड़ा नायक माना जाता है। भीष्म और अर्जुन दोनों ही महाभारत के सबसे शूरवीर योद्धाओं में गिने जाते है।

भीष्म पितामाह

मां गंगा और शांतनु के पुत्र देवव्रत को उनकी त्याग भावना के लिए भीष्म कहा जाता था। इच्छा मृत्यु का वरदान होने के चलते भीष्म ने अपने सामने कई पीढ़ियां देखी थी।

कैसे बने पितामह?

भीष्म अर्जुन के पितामह थे, अर्जुन से पहले वह अर्जुन के पिता पांडू और दुर्योधन के पिता धृतराष्ट के लिए भी पिता तुल्य थे। पांडू और धृतराष्ट के पिता का नाम विचित्रवीर्य थे, विचित्रवीर्य और भीष्म के बीच भाई का संबंध था।

कुरुक्षेत्र का रण

कुरुक्षेत्र के रण में मर्यादा, अधिकार और अन्याय के खिलाफ युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में लड़ने वाले एक-दूसरे के परिचित और अपने ही थे। भीष्म ने भी इस युद्ध में कौरवों की तरफ से हिस्सा लिया था।

प्रतिज्ञा से मजबूर

भीष्म कभी भी अपने जीवन में अर्जुन समेत पांडवों से युद्ध नहीं करना चाहते थे। लेकिन हस्तिनापुर के सिंहासन की रक्षा की प्रतिज्ञा के चलते भीष्म को कौरवों की तरफ से पांडवों के विरुद्ध लड़ना पड़ा था।

पितामह का वध

भीष्म पितामह के वध की वजह उनके कर्म बनते है। पूरे रण में कोई भी ऐसा योद्धा नहीं था जो भीष्म से टकरा सके। ऐसे में श्री कृष्ण ने क्रोध में उनपर रथ के पहिए से वार करना चाहा तो अर्जुन ने स्वयं उन्हें रोका था।

बाणो की सैया

श्री कृष्ण द्वारा जब भीष्म को उनके कर्मों का ज्ञात कराया गया तो वह खुद मृत्यु के लिए तैयार हो गए। श्राप के मुताबिक उन्हें पहला बाण शिखंडी ने मारा था। उसके बाद अर्जुन ने उनपर अनगिनत बाणों की बारिश कर दी थी। पुराणें के अनुसार, भीष्म के शरीर में 100 से अधिक बाण लगे थे।

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