काल भैरव जयंती हर साल मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। आइए जानते है राशि अनुसार इस दिन किस मंत्र का जाप करनी चाहिए?
कालाष्टमी का व्रत 5 दिसंबर को रखा जाएगा। यदि भक्त किसी दुविधा में है तो कालाष्टमी के दिन इन मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए। इस दिन भोलेनाथ के रौद्र रूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
मेष राशि के जातकों को काल भैरव की पूजा के समय 'ॐ भूतभावनाय नमः' और 'ॐ महारूपाय नमः' का जाप करना चाहिए। वहीं वृषभ राशि के जातकों को इस दिन पूजा के समय 'ॐ सर्वभूतात्मने नमः' और 'ॐ वृषरूपाय नमः' मंत्र का जाप करें।
मिथुन राशि के जातकों को पूजा के समय 'ॐ महाकायाय नमः' और 'ॐ प्रसादाय नमः' मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए। वहीं कर्क राशि के जातक 'ॐ नियमाय नमः' और 'ॐ स्वयंभूताय नमः' मंत्र का जाप करें।
कालाष्टमी के दिन 5 तारीख को पूजा के दौरान सिंह राशि वालों को 'ॐ योगिने नमः' और 'ॐ महाबलाय नमः' मंत्र का जाप करना होगा। वहीं कन्या राशि के जातक 'ॐ बीजवाहनाय नमः' और 'ॐ विश्वरूपाय नमः' की एक माला का जप करें।
तुला राशि वालों को भगवान शिव के इस रौद्र रुप को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ कपालवते नमः' और 'ॐ सर्वकामाय नमः' का जाप करना चाहिए। वहीं वृश्चिक राशि वालों को 'ॐ कालयोगिने नमः' और 'ॐ आदिकराय नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए।
इस दिन धनु राशि वालों को 'ॐ भगवते नमः' और 'ॐ अभिवाद्याय नमः' मंत्र का जाप करना होगा। वहीं मकर राशि वालों को बाधाओं को दूर करने के लिए 'ॐ श्मशानवासिने नमः' और 'ॐ शाश्वताय नमः' मंत्र का जाप करना होगा।
कुंभ राशि वालों को पूजा के समय 'ॐ सर्वकराय नमः' और 'ॐ भवाय नमः' मंत्र का जप करना चाहिए। वहीं मीन राशि वालों को 'ॐ सर्वभूतहराय नमः' और 'ॐ प्रवृत्तये नमः' मंत्र के जाप से लाभ होगा।