हिंदू धर्म में तुलसी पौधे का महत्व काफी ज्यादा होता है लोग तुलसी को धन की देवी मां लक्ष्मी का रूप मानते हैं। इसलिए बिना तुलसी के भगवान विष्णु की पूजा नहीं होती है।
लोग रोजाना सुबह और शाम तुलसी की पूजा करते हैं। महिलाएं तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने के साथ आरती भी उतारती हैं। लेकिन खरमास में ये नहीं होता है।
ऐसी मान्यता है कि तुलसी यदि आपके आंगन में हो तो नकारात्मक ऊर्जा का संचार नहीं होता है। कुछ ही दिनों में खरमास शुरू होने वाला है।
खरमास के दिनों में मांगलिक कार्यों को करने के लिए मनाही होती है। वहीं, लोगों के मन में यह भी सवाल होता है कि खरमास में तुलसी की पूजा होती है या नहीं?
ज्योतिष के मुताबिक 16 दिसंबर से खरमास शुरू होने वाला है ऐसे में इन दिनों शुभ कार्य पूजा पाठ नहीं होता है। लेकिन आप तुलसी में जल अर्पित कर सकते हैं।
ज्योतिष के मुताबिक 16 दिसंबर से खरमास शुरू होने वाला है ऐसे में इन दिनों शुभ कार्य पूजा पाठ नहीं होता है। लेकिन आप तुलसी में जल अर्पित कर सकते हैं।
तुलसी में जल अर्पित करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं लेकिन खरमास के दिनों में गलती से भी तुलसी के ऊपर सिंदूर या कोई पूजन सामग्री न चढ़ाएं।
हिंदू धर्म में तुलसी से जुड़े कई उपाय बताए गए हैं लेकिन कई दिन ऐसे होते हैं जिस दिन तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए। आइए बताते हैं।
खरमास के महीने में पड़ने वाली एकादशी, मंगलवार और रविवार के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए। साथ ही इस दिन जल भी अर्पित नहीं करना चाहिए।