छिपकली अकसर हर घर की दीवारों पर देखी जाती हैं। आइए जानते हैं छिपकली की पूंछ कटने के बाद फिर कैसे उग जाती है?
छिपकली की पूंछ कई बार हमारी गलती की वजह से भी कट जाती है। इसके अलावा छिपकली का सामना जब उससे बड़े शिकारी से होता हैं तो वह अपनी पूंछ गिरा देती हैं।
छिपकली में एक फ्रैक्चर प्लेन होता है। ऐसे में जब उसे किसी भी मौके पर तनाव या घबराहट महसूस होती है तो वो उस पॉइंट से अलग हो जाती हैं।
पूंछ कटने के बाद थोड़ी देर तक हिलती रहती हैं जिसकी वजह यह हैं कि उसमें कुछ समय तक संचरण बना रहता हैं।
पूछ गिराने के समय छिपकली की काफी सारी ऊर्जा खत्म हो जाती हैं। इसलिए वापस आकर छिपकली अपनी पूंछ भी खा लेती हैं जिससे उसे जल्द से जल्द ऊर्जा प्राप्त हो सकें।
रिजनरेशन एक नेचुरल प्रक्रिया हैं जो छिपकली और अन्य जीवों के अंगों के कटने के बाद दोबारा से उग जाते हैं।
छिपकली के अलावा ऑक्टोपस, स्टारफिश, एक्सोलोट्ल्स सैलामेंडर में रिजनरेशन की प्रक्रिया पाई जाती हैं। इनके भी अपने कटे और क्षतिग्रस्त हुए अंग दोबारा से उग जाते है।
जीव विज्ञान में छिपकली की पूंछ के दोबारा उगने की प्रक्रिया को ऑटोटोमी या आत्म विच्छेदन(self amputation) भी कहते है।