8 मार्च 2024 को महाशिवरात्रि मनाई जाने वाली है। आइए जानते है इस पर्व पर महामृत्युंजय मंत्र के जाप से कौन-सा दोष दूर होता है?
ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूं हौं ॐ !!
रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव को जल के साथ बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।
महामृत्युंजय मंत्र के जाप से व्यक्ति को हर प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है। इस मंत्र के जाप से रोग-दोष से छुटकारा भी मिलता है।
इस प्रभावी मंत्र के जाप से भगवान शिव की कृपा से घर-परिवार में खुशियां भर जाती है। बरकत और पुत्र प्राप्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना लाभकारी होगा।
शिव जी की कृपा से जीवन या अतीत में किए गए पापों से मुक्ति भी मिलती है। महामृत्युंजय मंत्र के जाप से अकाल मृत्यु का डर भी खत्म होता है।
शिव पुराण में इस बात का उल्लेख है कि इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को हर प्रकार की परेशानी से निजात मिलता है। इस मंत्र के जाप से धन संपत्ति की इच्छा भी पूरी होती है।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से कई दोषों से मुक्ति मिलती है। इस मंत्र के जाप से भूत-प्रेत दोष, नाड़ी दोष, कालसर्प दोष, मांगलिक दोष आदि भी दूर होता है।
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