साल का पहला बड़ा पर्व मकर संक्रांति इस साल 14 नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य उपासना की जाती है।
अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है, तो वह मकर संक्रांति के दिन कुछ खास उपाय करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होगी।
मकर संक्रांति के दिन गाय या फिर बछड़े का दान करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होगी।
मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल के साथ थोड़ा सा काला तिल, सिंदूर, लाल फूल डालकर अर्घ्य दें।
मकर संक्रांति के दिन तिल, खिचड़ी आदि का दान करें। इन चीजों का दान करने से सूर्य की स्थिति मजबूत होगी।
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य को गुड़ और चावल से बनी खीर का भोग लगाएं। बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य को जल अर्पित करते समय इन मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं। मंत्र- 'ऊँ हृां हृीं सः सूर्याय नमः' और 'ऊँ घृणिः सूर्य आदिव्योम' ।
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की विधिवत पूजा करने के साथ आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से भी सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है।