बिना परिश्रम सफलता नहीं मिलती,बिना भटके मंजिल नहीं मिलती, बिना परिश्रम लक्ष्य हासिल नहीं होता। लक्ष्य पाने के लिए सतत मेहनत जरूरी है। सफलता पाने के लिए परिश्रम अति आवश्यक है।
सफलता प्राप्ति के लिए परिश्रम के साथ उत्साह का होना भी जरूरी है उत्साह हो तो परिश्रम में थकान महसूस नहीं होता कार्य की सिद्धि जल्दी होती है। जीवन की सफलता का मूलमंत्र है।
परिश्रम,उत्साह,दृढ़ विश्वास जिस भी कार्य को हम करते हैं उस कार्य को पूर्ण करने का विश्वास अंतरात्मा में होनी चाहिए तब ही सपना साकार होता है।
किसी भी कार्य को करने के लिए हर व्यक्ति मेहनत करता है, संघर्ष करता है किंतु एकाग्रता के साथ किए जाने वाले कार्य सहज रूप से पूर्ण होते हैं इसमें गलती की संभावना कम होती है।
का अर्थ है किसी भी लक्ष्य को पाने का एक दृढ निश्चय करना। संकल्प लेने से लक्ष्य प्राप्ति में भटकाव की संभावना कम हो जाती है जब भी भटकाव आता है संकल्प का बंधन उसे रोकता है और सफलता मिलती है।
परीक्षा लेने को आती हैं जब हम लक्ष्य प्राप्ति के लिए आगे बढ़ते हैं तो किसी ना किसी प्रकार का विघ्न अवश्य आता है इससे घबराना नहीं चाहिए संयम,सावधानी से कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलती है।
हर व्यक्ति का सपना है,लेकिन असली सफलता वही है जिसकी सराहना सब करें। केवल धन-बल-संपत्ति पा लेना ही सफलता नहीं है। शुन्य से सौ तक सफलता का सफर सौ दिलाए न दिलाए पर निन्यानवे अनुभव देता है यह भी सफलता है।